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    तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने:संसद भवन में शपथ ली; 25 कैबिनेट और 24 राज्य मंत्री सरकार में शामिल होंगे

    18 hours ago

    बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली। शपथ ग्रहण के साथ ही देश में नई सरकार का औपचारिक गठन हो गया। इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घटती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी। BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है। योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है। जुलाई चार्टर से PM की ताकत घटेगी, राष्ट्रपति को अधिकार मिलेंगे जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके। PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी, प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे। बाइकैमरल संसद (उपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित नीचली सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा। NCP ने कैबिनेट शपथ-समारोह के बहिष्कार का एलान किया NCP ने घोषणा की है कि वह कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी। यह आज शाम 4 बजे होना है। NCP ने दोपहर करीब 1:30 बजे अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर यह घोषणा की। इससे पहले, NCP के छह निर्वाचित सांसदों ने शपथ ली। उन्होंने संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में भी शपथ ली। दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी के नव निर्वाचित सदस्यों ने भी शपथ ले लिया है संसद के सदस्यों के रूप में शपथ लेने के बाद, जमात-ए-इस्लामी के और NCP के निर्वाचित संसद सदस्यों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के सदस्यों के रूप में भी शपथ ली। इससे पहले दोनों पार्टियों ने इसमें शामिल नहीं होने की बात कही थी। नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई। बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई। मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे। कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे BNP ने 49 मंत्रियों को कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया, इसमें हिंदू नेता भी शामिल BNP ने मंत्रिमंडल के लिए 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को नई कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया है। इसमें हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी भी शामिल हैं। निताई रॉय चौधरी BNP के प्रमुख उपाध्यक्षों में शामिल हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। बांग्लादेश के आम चुनाव में कुल 4 अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवार सांसद चुने गए हैं। इनमें दो हिंदू, जबकि दो अन्य बौद्ध समुदाय से हैं। हिंदू नेता में गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी निताई रॉय चौधरी BNP की टिकट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। तीसरे अल्पसंख्यक सांसद साचिंग प्रू हैं, जो बंदरबन के पहाड़ी जिले से चुने गए। वे मरमा जातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और BNP के वरिष्ठ नेता हैं। चौथे विजेता दिपेन दीवान रंगामाटी सीट से जीते। वे चकमा समुदाय से आते हैं, जो बौद्ध बहुल जनजातीय समूह है। दिपेन दीवान को भी कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया गया है। तारिक रहमान ने कैबिनेट गठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से परामर्श शुरू कर दिया है। हालांकि, किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह शपथ ग्रहण के बाद ही साफ होगा। BNP की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि देश को कैबिनेट का अंतिम स्वरूप देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। मंत्रियों के चयन का प्रोसेस जानिए पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की अंतिम संरचना का फैसला BNP की स्थायी समिति और अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में वे अंतिम सूची में कभी भी बदलाव कर सकते हैं। आज सांसदों के शपथ लेने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष अलग-अलग बैठक कर अपने संसदीय नेता का चुनाव करेंगे। बहुमत दल का नेता इसके बाद बंगभवन जाकर राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से मुलाकात करेगा। राष्ट्रपति औपचारिक रूप से उसे सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उपमंत्रियों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेंगे। राष्ट्रपति सूची कैबिनेट डिवीजन को भेजेंगे, जो शपथ समारोह की तैयारी पूरी करेगा। कैबिनेट सचिव नामित मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देंगे और उनके घरों पर आधिकारिक वाहन भेजे जाएंगे। तारिक रहमान ने दो जीती सीटों में से एक छोड़ा BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट को अपने पास रखने और बोगरा-6 सीट को खाली करने का फैसला किया है। 13वीं संसदीय चुनाव में तारिक रहमान ने दोनों सीटों से भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। ढाका-17 से उन्होंने लगभग 72,699 वोट प्राप्त किए, जबकि बोगरा-6 से उन्होंने 216,284 वोट हासिल कर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था। अब तारिक रहमान ने बांग्लादेश निर्वाचन आयोग (ईसी) को एक लिखित पत्र भेजकर बोगरा-6 सीट छोड़ने की औपचारिक घोषणा की है। ईसी के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने इसकी पुष्टि की है। बांग्लादेश के नियमों (आरपीओ) के अनुसार, जब कोई सांसद दो सीटों से जीतता है और एक सीट छोड़ता है, तो उस खाली सीट पर उपचुनाव कराना होता है। इसलिए बोगरा-6 सीट पर अब उपचुनाव होगा, जिसे ईसी को 90 दिनों के अंदर आयोजित करना होगा। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… तारिक रहमान बोले-भारत से रिश्तों में बांग्लादेश का हित जरूरी: चीन डेवलपमेंट में सहयोगी, हसीना की वापसी पर कहा- कानून अपना काम करेगा बांग्लादेश आम चुनाव में जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) अध्यक्ष तारिक रहमान ने शनिवार को पहली बार मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़े सवाल पर कहा कि हम बांग्लादेश के हितों को सबसे ऊपर रखेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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