Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा हरियाणा में शुरू:भागवत की मौजूदगी में संघ की समीक्षा; BJP अध्यक्ष नितिन नबीन पहली कतार में बैठे

    16 hours ago

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुक्रवार को हरियाणा के पानीपत में शुरू हो गई। यह सभा RSS की सर्वोच्च निर्णायक इकाई है और पानीपत में इसकी ये मीटिंग 3 दिन चलेगी। RSS प्रमुख मोहन भागवत इसके लिए सात दिन पहले ही पानीपत में बने संघ के सेंटर पहुंच गए और तब से यहीं मौजूद हैं। संघ को नया रूप देने की चर्चाओं के बीच यह सभा बेहद अहम मानी जा रही है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी तीनों दिन यहां रहेंगे। पहले दिन मंच पर RSS प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ही बैठे। BJP अध्यक्ष नबीन को मंच से नीचे पहली कतार में कुर्सी पर जगह मिली। सभा शुरू होने के बाद मीडिया को केवल 8 मिनट के लिए एंट्री दी गई। उसके बाद हॉल में देशभर से संघ और उसकी विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों के 1487 प्रतिनिधि ही बैठे। बाकी सबको बाहर कर दिया गया। पहले दिन शताब्दी वर्ष के कामों पर चर्चा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि पहले दिन आरएसएस के शताब्दी वर्ष में हुए कामों पर चर्चा होगी। दूसरे दिन आरएसएस के प्रकल्पों में आई चुनौतियों पर चर्चा होगी। साथ ही अगले एक साल में किए जाने वाले कामों की रूपरेखा तय होगी। आखिरी दिन यानी 15 मार्च को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन होगा। उसके बाद दत्तात्रेय होसबाले सभा में हुए निर्णयों और पारित प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी मीडिया में साझा करेंगे। निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था आरएसएस में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा एक तरह से निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी इकाई है। जिसमें आरएसएस के सभी कामों की समीक्षा होती है। साथ ही आगे के लिए रूपरेखा तय होती है। इस बार यह सभा इसलिए भी अहम है कि अगले दो साल में 9 राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव हैं। एक साल में 5500 नई शाखाएं शुरू प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 5500 से अधिक नई शाखाएं शुरू हुई हैं। डिजिटल माध्यम से भी संघ से जुड़ने का क्रेज बढ़ रहा है, जहां हर साल लगभग 1.25 लाख लोग ज्वाइन RSS के माध्यम से जुड़ रहे हैं। यूपी चुनाव से पहले कई बदलाव करने की तैयारी आरएसएस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संघ अपने स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने वाला है। क्षेत्र प्रचारकों की संख्या कम करने और जिला, तहसील, ब्लॉक और गांवों तक कार्यकर्ताओं को ज्यादा अधिकार देने की योजना है। इसका प्रस्ताव यहां सभा के समक्ष रखा जाएगा। संघ की ताकत निचले स्तर तक पहुंचाने के मकसद से यह योजना है। यूपी, पंजाब, बंगाल व दक्षिण के चुनाव अहम सोर्स के मुताबिक अगले दो साल में 9 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। इसी साल पश्चिमी बंगाल, दक्षिण भारत में तमिलनाड़ू व केरल अहम हैं। जबकि 2027 में यूपी व पंजाब महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों को लेकर आरएसएस माइक्रो मैनेजमेंट स्ट्रैटजी और स्ट्रक्चर पर जोर दे रही है। क्योंकि ये चुनाव अगले लोकसभा चुनाव का सेमिफाइनल होंगे। समाज में संपर्क बढ़ाने पर जोर, एससी समाज पर फोकस विजयादशमी उत्सव, गृहसंपर्क, हिन्दू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक गोष्ठी, सामाजिक सद्भाव बैठकें की रिपोर्ट इस सभा में रखी जाएगी। इस दौरान क्या चुनौतियां आईं और क्या बदलाव जरूरी हैं, इस पर अहम फैसले हो सकते हैं। खासकर अनुसूचित समाज को साथ लाने के टास्क पर चर्चा होगी। संत रविदास के 650वीं जयंती वर्ष के आयोजन इसी कड़ी का हिस्सा हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में एससी वोटर खिसकने का भाजपा को नुकसान हुआ, खासकर यूपी में। संत रविदास जयंती कार्यक्रमों पर फोकस आरएसएस सूत्रों के मुताबिक बैठक के मुख्य बिंदुओं में संघ का शताब्दी वर्ष (2025-26) केंद्र में रहेगा। शताब्दी वर्ष के तहत अब तक देशभर के 10 करोड़ से अधिक घरों तक संघ की पहुंच हो चुकी है। संत रविदास जयंती बैठक में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। जो अगले साल 20 फरवरी तक पूरे देश में समरसता के संदेश के साथ मनाए जाएंगे।
    Click here to Read More
    Previous Article
    ईरानी नेवी बोली-होर्मुज से गुजरने वाले जहाज हमसे बात करें:यहां से रोज 130 शिप गुजरते हैं; दावा- अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल अटैक
    Next Article
    Explained: How Shadow Fleets Keep Oil Moving Through War, Sanctions

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment