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नहीं मिले ठोस सबूत, 17 साल जेल में बिताने के बाद दो सगे भाई बरी; हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा रद्द की

1 month ago

जांच अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि एफआईआर किसने लिखी थी और इसे तैयार करने वाले अधिकारी को गवाही के लिए पेश नहीं किया गया. मृतक के बेटे के अनुसार थाने से बाहर निकलते ही मौत हो गई थी, पत्नी के अनुसार अस्पताल तक जीवित थे.
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