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    वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प प्रशासन 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेस रोकेगा, रूस-ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों पर असर

    1 day ago

    ट्रम्प प्रशासन 21 जनवरी से 75 देशों के लोगों के लिए वीजा जारी करने की पूरी प्रक्रिया रोक रहा है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक मेमो के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस फैसले से सोमालिया, रूस, ईरान, अफगानिस्तान, ब्राजील, नाइजीरिया और थाईलैंड जैसे देश प्रभावित होंगे। इन देशों के नागरिकों के वीजा आवेदन फिलहाल स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अमेरिकी दूतावासों और कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वीजा आवेदनों को तब तक खारिज करें, जब तक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा नहीं हो जाती। इस रोक को कितने समय तक लागू रखा जाएगा, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रम्प इमिग्रेशन को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। ट्रम्प ने नवंबर में व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी की घटना के बाद थर्ड वर्ल्ड देशों से इमिग्रेशन को स्थायी रूप से रोकने की बात कही थी। इस घटना में एक अफगान नागरिक शामिल था। इसके अलावा, ट्रम्प प्रशासन ने सोमालिया के नागरिकों को डिपोर्टेशन से मिली सुरक्षा खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह कदम मिनेसोटा में चलाए जा रहे बड़े डिपोर्टेशन अभियान का हिस्सा है, जहां हजारों सोमाली लोग रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने अपने सैनिकों को कतर एयरबेस छोड़ने को कहा, ईरान के हमले की आशंका अमेरिका ने कतर में मौजूद अपने अल उदीद एयरबेस से अमेरिकी सैनिकों को निकल जाने को कहा है। यह जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दी है। इस खबर के सामने आने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि क़तर के इस सैन्य अड्डे पर सैनिकों की आवाजाही किसी तुरंत होने वाले हमले से जुड़ी है या नहीं। एक राजनयिक ने रॉयटर्स को बताया कि इसे पूरी तरह से सैनिकों को हटाने का आदेश नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह सिर्फ पोश्चर चेंज यानी सुरक्षा और रणनीति में एहतियाती बदलाव है। रॉयटर्स के मुताबिक, फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि बड़ी संख्या में सैनिकों को पास के स्टेडियम या शॉपिंग मॉल जैसे स्थानों पर भेजा जा रहा हो, जैसा कि पिछले साल ईरान के मिसाइल हमले से ठीक पहले देखा गया था। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत भी ठप पड़ चुकी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प प्रशासन और ईरान के बीच औपचारिक संपर्क फिलहाल निलंबित कर दिए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच सीधे संपर्क भी रोक दिए गए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा होता दिख रहा है। ईरान की ओर से भी सख्त बयान सामने आए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य तैयारी चरम पर है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका किसी हमले के लिए क्षेत्र के दूसरे देशों की जमीन का इस्तेमाल करता है तो उन देशों को भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह ने कहा है कि जो भी देश ईरान पर अमेरिकी हमले में मदद करेगा, वह ईरान के लिए निशाना होगा। अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों को 1.8 करोड़ का हर्जाना दिया, पालक पनीर गर्म करने से रोका था, 2 साल चला मुकदमा अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के दो भारतीय स्टूडेंट्स को भेदभाव से जुड़े एक मामले में यूनिवर्सिटी से 1.8 करोड़ रुपए का हर्जाना मिला है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद सितंबर 2023 में शुरू हुआ, जब यूनिवर्सिटी से Phd कर रहे छात्र आदित्य प्रकाश से एक स्टाफ मेंबर ने कहा कि वे डिपार्टमेंट के माइक्रोवेव में अपना लंच गर्म न करें, क्योंकि इससे बदबू आ रही है। आदित्य टिफिन में पालक पनीर लेकर आए थे। आदित्य ने जवाब दिया कि ये सिर्फ खाना है और मैं इसे गर्म करके जा रहा हूं। इसके बाद स्टाफ मेंबर ने अधिकारियों से आदित्य की शिकायत कर दी। आदित्य प्रकाश और उनकी पार्टनर और Phd स्टूडेंट उर्मी भट्टाचार्य ने कहा कि जब हमने स्टाफ के रवैये की शिकायत की, तो यूनिवर्सिटी ने हमारे ही खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद दोनों छात्रों ने अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, कोलोराडो में यूनिवर्सिटी के खिलाफ सिविल केस दायर किया। छात्रों ने कोर्ट को बताया कि डिपार्टमेंट के किचन से जुड़े नियम खास तौर पर दक्षिण एशियाई स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हैं। उन्हें हमारे पब्लिक प्लेस में टिफिन खोलने से भी परेशानी होती थी। आदित्य प्रकाश ने बताया कि उन्हें बार-बार सीनियर फैकल्टी ने बुलाया और आरोप लगाया गया कि उनकी वजह से स्टाफ को दिक्कत हो रही है। वहीं उर्मी का कहना है कि उन्हें बिना कोई कारण बताए टीचिंग असिस्टेंट पद से भी हटा दिया गया। ये मामला कोर्ट में करीब 2 साल तक चला। सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी ने दोनों को 1.8 करोड़ रुपये देने और उन्हें उनकी डिग्री देने पर सहमति जताई। हालांकि, दोनों को भविष्य में यूनिवर्सिटी में दोबारा एडमिशन लेने या नौकरी करने से रोक दिया गया है। फैक्ट्री टूर के दौरान ट्रम्प ने वर्कर को गाली दी, वर्कर ने राष्ट्रपति को यौन अपराधी को बचाने वाला कहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक फैक्ट्री टूर के दौरान अजीबोगरीब घटना हुई। उन्होंने मिशिगन राज्य में फोर्ड मोटर कंपनी के रिवर रूज कॉम्प्लेक्स में एक वर्कर को बीच की उंगली दिखाई। यह घटना 13 जनवरी को हुई, जब ट्रम्प F-150 पिकअप ट्रक बनाने वाली इस फैक्ट्री का दौरा कर रहे थे। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखता है कि फैक्ट्री फ्लोर पर एक वर्कर ने राष्ट्रपति की ओर देखते हुए "पेडोफाइल प्रोटेक्टर" (बाल यौन अपराधी को बचाने वाला) जैसा आरोप लगाते हुए चिल्लाया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह टिप्पणी जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़ी थी। इसमें ट्रम्प पर एपस्टीन फाइलों की रिलीज को लेकर विवाद चल रहा है। वीडियो में ट्रम्प शख्स की ओर मुड़ते हैं, गाली बकते हैं और फिर बीच की उंगली दिखाकर आगे बढ़ जाते हैं। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति के इस रिएक्शन का बचाव किया। व्हाइट हाउस कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने बयान जारी कर कहा, "एक पागल व्यक्ति पूरी तरह से गुस्से में चीख-चीखकर गालियां दे रहा था, और राष्ट्रपति ने उसे सही जवाब दिया।" पूरा वीडियो यहां देखें…
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