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    वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा की मांग- भारत गोल्ड चोरी के आरोपी को सौंपे, 2 साल पहले 180 करोड़ का 400 किलो सोना चुराया था

    1 day ago

    कनाडा ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि 2023 में हुई 400 किलो सोने की चोरी के मामले में मुख्य आरोपी सिमरन प्रीत पनेसर को भारत से कनाडा भेजा जाए। पनेसर पर 2023 में टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई सोने के चोरी की साजिश रचने का आरोप है। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि अपराध करने के बाद वह भारत भाग गया। इसके बाद पनेसर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। 33 साल का पनेसर, पहले एयर कनाडा का कर्मचारी था। पुलिस के मुताबिक, उसने फ्लाइट से शुद्ध सोने की 6,600 ईंटें और लगभग 2.5 मिलियन डॉलर (21 करोड़ रुपए से ज्यादा) की फॉरेन करेंसी चुराई। सोने का कुल वजन करीब 400 किलो था, जिसकी कीमत 180 करोड़ रुपए थी। अधिकारियों ने कहा कि पनेसर ने एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ करके चोरी को संभव बनाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अधिकारी इस अनुरोध पर विचार करेंगे और फिर पनेसर को सौंपने का फैसला लेंगे। इस मामले में कनाडा पुलिस ने 12 जनवरी को अर्सलान चौधरी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक आरोपी के भारत में होने का दावा किया था। अंतराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कनाडा में 3 भारतीयों पर बुजुर्ग दंपति की हत्या का आरोप, कमरे में रस्सी से बंधा मिला था शव कनाडा में लगभग तीन साल पहले एक बुजुर्ग दंपति अर्नोल्ड डी जोंग और जोआन डी जोंग की हत्या के मामले में मुकदमा शुरू हो गया है। इसमें तीन भारतीय मूल के युवकों गुरकरण सिंह, अभिजीत सिंह और खुशवीर सिंह टूर पर दो-दो आरोप लगाए गए हैं। तीनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। पुलिस के अनुसार, 9 मई 2022 को अर्नोल्ड और जोआन को उनके एबॉट्सफोर्ड स्थित घर में मृत पाया गया था। घटना से एक दिन पहले दंपति ने एक पारिवारिक समारोह आयोजित किया था। अगले दिन सुबह जब उनके दामाद घर पहुंचे तो वहां दंपति के शव मिले। अभियोजन पक्ष की वकील डोरोथी त्सुई ने अदालत को बताया कि हत्या के पीछे आरोपियों का मकसद कर्ज, आर्थिक तंगी और लालच था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि अभिजीत सिंह एक क्लीनिंग बिजनेस चलाता था, जिसने जुलाई 2021 और अप्रैल 2022 में डी जोंग दंपति के घर में सफाई का काम किया था। गुरकरण सिंह कनाडा में छात्र वीजा पर 16 अप्रैल 2022 को आया था, यानी हत्या से महज तीन हफ्ते पहले। हत्या के तुरंत बाद गुरकरण सिंह और खुशवीर सिंह टूर ने अपने बैंक खातों में 3,601 डॉलर के दो चेक जमा कराए। इन चेक पर जोआन डी जोंग के हस्ताक्षर से थे और इनमें लिखा था कि यह राशि क्लीनिंग सर्विस के लिए है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्नोल्ड को एक कमरे में रस्सी से हाथ-पैर बंधे हुए पाया गया और उनके सिर पर टेप लपेटा गया था, जो उनके नाक-मुंह को पूरी तरह ढक रहा था। जोआन को दूसरे कमरे में पीठ के बल लेटे हुए मिलीं, जिनके सिर और गर्दन के आसपास खून था। पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अर्नोल्ड की मौत दम घुटने से हुई, जबकि जोआन की मौत चोटों के कारण हुई।
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