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    वर्ल्ड अपडेट्स:ब्रिटेन में 1400 साल में पहली महिला आर्चबिशप बनीं, 8.5 करोड़ ईसाइयों की अगुआई करेंगी

    18 hours ago

    1400 साल में पहली बार कैंटरबरी के आर्चबिशप पद पर किसी महिला की नियुक्ति हुई है। सारा मुल्लाली को बुधवार को कैंटरबरी कैथेड्रल में औपचारिक रूप से इस पद पर स्थापित किया गया। वह इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला बनी हैं। इस समारोह में वेल्स के प्रिंस विलियम, प्रिंसेस कैथरीन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। हालांकि सारा मुल्लाली ने 28 जनवरी 2026 को कानूनी रूप से यह पद संभाल लिया था, लेकिन यह समारोह उनके सार्वजनिक कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। कैंटरबरी के आर्चबिशप एंग्लिकन कम्युनियन के सबसे वरिष्ठ बिशप होते हैं। यह संस्था दुनिया के 165 देशों में फैले करीब 8.5 करोड़ ईसाइयों का प्रतिनिधित्व करती है। यह पद 597 ईस्वी से चला आ रहा है, जब पोप ग्रेगरी प्रथम ने संत ऑगस्टीन को ब्रिटेन भेजा था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… डेनमार्क में पीएम फ्रेडरिक्सन की पार्टी बहुमत से 6 सीट दूर, ट्रम्प से ग्रीनलैंड विवाद का फायदा नहीं मिला डेनमार्क में हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी बहुमत के आंकड़े से 6 सीट दूर रह गई, जिससे सरकार बनाना अब मुश्किल हो गया है। फ्रेडरिक्सन की सोशल डेमोक्रेट पार्टी और उनके सहयोगी दल मिलकर 84 सीटें ही हासिल कर सके, जबकि बहुमत के लिए 90 सीटों की जरूरत होती है। इस चुनाव में फ्रेडरिक्सन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ ग्रीनलैंड को लेकर हुए विवाद को बड़ा मुद्दा बनाया था। माना जा रहा था कि इस कड़े रुख से उन्हें चुनावी फायदा मिलेगा, लेकिन नतीजों में इसका असर नहीं दिखा। चुनाव में घरेलू मुद्दे जैसे महंगाई, अर्थव्यवस्था और वेलफेयर ज्यादा हावी रहे। हालांकि फ्रेडरिक्सन की पार्टी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है और उन्होंने सरकार बनाने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उन्हें अन्य दलों का समर्थन जुटाना होगा। इस बीच, 14 सीटों वाली मॉडरेट्स पार्टी किंगमेकर की भूमिका में आ गई है, जो तय करेगी कि अगली सरकार किसकी बनेगी। स्कॉटलैंड का 86 साल का टीचर यौन शोषण का दोषी करार, 35 साल बाद सजा मिलेगी स्कॉटलैंड में 86 साल के पूर्व शिक्षक इयान वेयर्स को यौन शोषण के मामले में दोषी पाया गया है। इयान वेयर्स 1960 और 1970 के दशक में एडिनबर्ग के स्कूलों में पढ़ाते थे। उन पर अपने कई छात्रों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप लगे थे। इयान वेयर्स कई सालों से दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन रह रहे हैं। जहां की एक अदालत ने उन्हें 1980 के दशक में एक छात्र के साथ अश्लील हरकत करने का दोषी ठहराया। हालांकि अभी तक सजा का ऐलान नहीं हुआ है। इस मामले के पीड़ित ने कहा कि उसे करीब 35 साल बाद न्याय मिला है, लेकिन अभी भी कई ऐसे लोग हैं जो न्याय का इंतजार कर रहे हैं। उसने यह भी कहा कि वह पूरी तरह खुश नहीं हो सकता, क्योंकि अन्य पीड़ितों को अभी भी न्याय नहीं मिला है। स्कॉटलैंड की सरकार ने 2018 में इयान वेयर्स को वापस लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, कुछ कानूनी कारणों की वजह से यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है और मामला लंबा खिंच गया। ऑस्ट्रेलियाई न्यूज चैनल ABC में आज 24 घंटे की हड़ताल, AI इस्तेमाल का कर रहे विरोध ऑस्ट्रेलिया के सरकारी मीडिया संस्थान ABC के सैकड़ों पत्रकार बुधवार को हड़ताल पर जाएंगे। वे वेतन, काम के हालात और उनकी जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। यह पिछले 20 सालों में पहली बार है जब ABC के कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारियों की यूनियन ने वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, क्योंकि उनका कहना है कि यह महंगाई से भी कम है। इस हड़ताल का असर टीवी कार्यक्रमों पर भी पड़ेगा। 7.30 जैसे बड़े शो और गुरुवार सुबह के कार्यक्रम नहीं दिखाए जाएंगे। उनकी जगह पुराने शो और बीबीसी का कंटेंट चलाया जाएगा। ABC मैनेजमेंट का कहना है कि वे जितना वेतन बढ़ा सकते थे, उन्होंने उतना ही प्रस्ताव दिया है। लेकिन कर्मचारी ज्यादा नौकरी सुरक्षा और AI के इस्तेमाल पर रोक चाहते हैं। कर्मचारी बुधवार को सुबह 11 बजे से हड़ताल शुरू करेंगे, जो 24 घंटे चलेगी। सिडनी और मेलबर्न में ABC दफ्तरों के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे। हड़ताल में शामिल लोग काले कपड़े पहनेंगे। ABC में 4,400 से ज्यादा कर्मचारी हैं, जिनमें करीब 2,000 लोग न्यूज डिपार्टमेंट में काम करते हैं। कर्मचारियों को तीन साल में कुल 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें पहले साल 3.5 प्रतिशत और अगले दो सालों में 3.25-3.25 प्रतिशत बढ़ोतरी शामिल थी। लेकिन जनवरी में ऑस्ट्रेलिया में महंगाई दर 3.8 प्रतिशत थी, इसलिए कर्मचारियों को यह प्रस्ताव कम लग रहा है। इसके अलावा 1,000 डॉलर का एक बार मिलने वाला बोनस भी देने की बात थी, लेकिन यह अस्थायी कर्मचारियों को नहीं मिलता।
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