Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    वर्ल्ड अपडेट्स:अजरबैजान ने गाजा में सैनिक भेजने से इनकार किया, राष्ट्रपति बोले- कोई दुश्मनी मोल नहीं लूंगा

    1 week ago

    अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने सोमवार देर रात कहा कि उनका देश अपनी सीमाओं के बाहर किसी भी शांति अभियान में हिस्सा नहीं लेगा। अजरबैजान गाजा सहित अपनी सीमाओं के बाहर शांति अभियानों के लिए अपने सैनिक नहीं भेजेगा। अजरबैजान ने अमेरिकी प्रशासन से गाजा में शांति सेना को लेकर बातचीत की थी। इसके लिए 20 से ज्यादा सवाल अमेरिका को भेजा था। उन्होंने कहा, "हमने 20 से अधिक सवालों की एक लिस्ट तैयार की और उसे अमेरिकी पक्ष को सौंप दिया। शांति रक्षा बलों में किसी भी प्रकार की भागीदारी की कोई संभावना नहीं है,"। राष्ट्रपति बोले- मैं अजरबैजान के बाहर किसी भी तरह की दुश्मनी मोल लेने पर बिल्कुल भी विचार नहीं कर रहा हूं। पिछले नवंबर में अजरबैजान सरकार ने कहा था कि जब तक इजराइल और हमास के बीच लड़ाई पूरी तरह से बंद नहीं हो जाती, तब तक अजरबैजान इस तरह के अभियान के लिए कोई सैनिक नहीं भेजेगा। यह अभियान गाजा में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) का हिस्सा है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शांति योजना का पार्ट है। यह फोर्स मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल देशों (जैसे अजरबैजान, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र आदि) से सैनिकों की मदद से गाजा में युद्धविराम के बाद स्थिरता बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने, सहायता पहुंचाने और क्षेत्र को डिमिलिटराइज करने के लिए तैनात किया जाना था। ट्रम्प प्रशासन ने इसे गाजा में शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया था, लेकिन अब तक किसी देश ने इसमें भाग लेने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह योजना ट्रम्प की गाजा शांति योजना ( 20-पॉइंट प्लान) से जुड़ी हुई है, जो युद्ध खत्म करने और पुनर्निर्माण पर केंद्रित थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... इजराइल के विदेश मंत्री सोमालीलैंड पहुंचे, मान्यता देने के बाद पहला दौरा इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार सोमालीलैंड के दौरे पर पहुंचे हैं। इजराइल ने पिछले महीने सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी। इसे दोनों पक्षों के लिए अहम और ऐतिहासिक माना जा रहा है। दौरे के दौरान गिदोन सार ने सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इजराइल सोमालीलैंड के साथ रिश्तों को तेजी से आगे बढ़ाना चाहता है। राष्ट्रपति अब्दुल्लाही ने इस दौरे को “बड़ा दिन” बताया। पिछले महीने इजराइल दुनिया का पहला देश बना, जिसने सोमालीलैंड को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी। सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया से अलग होकर खुद को स्वतंत्र घोषित किया था, लेकिन अब तक उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली थी। इस दौरे और मान्यता पर सोमालिया ने आपत्ति जताई है। उसने इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल बताया है। इजराइल ने साफ किया कि यह फैसला किसी देश के खिलाफ नहीं है। इजराइल और सोमालीलैंड के बीच कृषि, स्वास्थ्य, तकनीक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई है। इजराइल सोमालीलैंड में दूतावास खोलने पर भी विचार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का अलर्ट नहीं फिलीपींस में बुधवार सुबह 6.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक भूकंप का केंद्र सैंटियागो के पास दर्ज किया गया। USGS ने एक अलग आकलन में भूकंप की तीव्रता 6.4 भी बताई है, जिसका केंद्र शहर से करीब 27 किलोमीटर पूर्व में था। भूकंप के बाद प्रशासन ने साफ किया कि फिलहाल किसी तरह का सुनामी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि भूकंप भले ही शक्तिशाली था, लेकिन इससे समुद्र में खतरनाक लहरें उठने की आशंका नहीं है। गौरतलब है कि फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की वजह से अक्सर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। यहां तेज भूकंप आना आम बात है। कोलंबिया के राष्ट्रपति की ट्रम्प को धमकी:कहा- हिम्मत है तो मुझे पकड़कर दिखाओ; कभी वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने भी ऐसी धमकी दी थी वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वॉशिंगटन और लैटिन अमेरिका के देशों के रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो खुलकर अमेरिका के खिलाफ आ गए हैं। पेट्रो ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि वह कोलंबिया में ही मौजूद हैं और अमेरिका का इंतजार कर रहे हैं। पेट्रो के इस बयान ने पूरे लैटिन अमेरिका में सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने यह बयान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद दिया। गौरतलब है कि मादुरो भी अगस्त 2025 में डोनाल्ड ट्रम्प को इसी तरह की चुनौती दे चुके हैं। मादुरो ने कहा था कि अगर हिम्मत है तो अमेरिका आकर उन्हें गिरफ्तार करे। इसके जवाब में अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की राशि और बढ़ा दी थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
    Click here to Read More
    Previous Article
    आवारा कुत्तों पर सुनवाई, सिब्बल बोले- मुझे कभी नहीं काटा:सुप्रीम कोर्ट बोला- आप खुशकिस्मत; लेकिन बच्चे-बड़ों को काटा जा रहा, लोग मर रहे
    Next Article
    Rupee strengthens! Indian currency surges 26 paise against US dollar; at 89.92 in early trading

    Related दुनिया Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment