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    दावा- भारत ने होर्मुज के पास दो युद्धपोत तैनात किए:तेल-गैस से भरे भारतीय जहाजों को सुरक्षा देंगे; आज पहला LPG जहाज गुजरात पहुंचा

    1 day ago

    अमेरिका-इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं। ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारतीय नौसेना के ये टास्क फोर्स जहाज तेल और गैस लेकर भारत आने वाले व्यापारी जहाजों और टैंकरों को सुरक्षा देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें हर तरह की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच युद्ध के माहौल में भारत का पहला LPG जहाज ‘शिवालिक’ आज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया। जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नंदा देवी और जग लाडकी नाम के दो और भारतीय जहाज भी तेल और गैस लेकर भारत आ रहे हैं और उनके कल तक पहुंचने की संभावना है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बीच भारत अपने ऊर्जा सप्लाई मार्ग और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। जंग के बीच पहला भारतीय जहाज LPG लेकर पहुंचा जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंच गया है। यह जहाज सोमवार शाम 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज है। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा है और उसके कल पहुंचने की संभावना है। वहीं जग लाडकी जहाज करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है और इसके भी कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। ट्रम्प बोले- ईरान मामले में मदद नहीं मिली तो NATO का भविष्य खराब होगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर सहयोगी देश ईरान मामले में मदद नहीं करते तो NATO का भविष्य खराब हो सकता है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद नहीं करते, तो गठबंधन की स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन की मदद की, जबकि वह उससे हजारों मील दूर है, अब यह देखना होगा कि सहयोगी देश अमेरिका की मदद करते हैं या नहीं। इस बीच जर्मनी ने साफ कर दिया है कि वह ईरान से जुड़े युद्ध में शामिल नहीं होगा और न ही सैन्य बल के जरिए होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के किसी अभियान में हिस्सा लेगा। ग्रीस के सरकारी प्रवक्ता पावलोस मारिनाकिस ने भी कहा कि उनका देश होर्मुज स्ट्रेट में किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश मिडिल ईस्ट के व्यापक युद्ध में शामिल नहीं होगा और उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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