Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    दूध का तीन में से एक सैंपल जांच में फेल:बड़े ब्रांड भी संदेह के घेरे में, देश में बढ़ते उत्पादन के साथ ही मिलावट के मामले भी बढ़ रहे

    11 hours ago

    भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक (करीब 25% हिस्सा) है और दुर्भाग्य से, मिलावटी दूध के मामलों में भी सबसे आगे है। हाल के वर्षों में देशभर में जांचे गए दूध के हर तीन नमूनों में से एक गुणवत्ता जांच में विफल रहा है। भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा वित्त वर्ष 2025 में 38% नमूने मिलावटी पाए गए। एफएसएसएआई की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2015 और वित्त वर्ष 2018 के बीच मिलावटी दूध के नमूनों की संख्या 16.64 प्रतिशत अंक तक बढ़ गई। वित्त वर्ष 2022 में 798 नमूनों में से आधे मिलावटी पाए गए, जो वित्त वर्ष 2015 के बाद से मिलावट की उच्चतम दर है। वहीं करीब सप्ताह भर पहले ‘ट्रस्टिफाइड’ नाम के एक स्वतंत्र टेस्टिंग प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ प्रतिष्ठित ब्रांड के पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म नामक हानिकारक बैक्टीरिया तय सीमा से 98 गुना तक अधिक पाया गया। इस रिपोर्ट ने पैकेज्ड फूड सेफ्टी पर भी चिंता बढ़ा दी है। उपलब्धि: पिछले 11 वर्षों में देश में दूध उत्पादन 69% बढ़ा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देश में दूध उत्पादन 24.8 करोड़ टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले 11 वर्षों में इसमें 69.4% की वृद्धि देखने को मिली है। देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता प्रतिदिन 485 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। जबकि वैश्विक औसत करीब 328 ग्राम है। सरकार की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया में दूध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और वैश्विक दूध उत्पादन में इसका योगदान 25% है। बचाव: हमेशा भरोसेमंद स्रोत से दूध खरीदें और सफाई रखें दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन एंड इन्फेक्शियस डिजीज विभाग के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल के मुताबिक, हमेशा भरोसेमंद सोर्स से दूध खरीदें और पैकिंग, एक्सपायरी डेट पर ध्यान दें। दूध को साफ बर्तन में अच्छी तरह उबालें। गर्म करने से अधिकांश हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। उबालने के बाद ढककर या फ्रिज में रखें । लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर न छोड़ें। खराब स्मेल, खराब स्वाद लगे तो दूध का सेवन न करें। मिलावट: 58% दूध के नमूनों में पानी की मिलावट पाई गई इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन द्वारा कुछ समय पहले जांचे गए 330 दूध के नमूनों में से 233 (70.6%) में एक या एक से अधिक मिलावट पाई गई। 193 (58.5%) नमूनों में पानी, 23.9% में डिटर्जेंट और 9.1% नमूनों में यूरिया की मिलावट पाई गई। कई नमूनों में न्यूट्रलाइजर, आरारोट जैसे पदार्थों की भी मिलावट पाई गई। सर्विलांस: उत्तर भारतीय राज्यों में अमानक दूध के मामले अधिक एफएसएसएआई की ताजा मिल्क सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारतीय राज्यों में लिए गए अनपाश्चुराइज्ड दूध के करीब 47 फीसदी नमूने अमानक पाए गए। दक्षिण भारत में ये आंकड़ा करीब 18 फीसदी था। पश्चिम भारत में दूध के करीब 23 फीसदी और पूर्वी भारत के करीब 13 फीसदी दूध के नमूने अमानक पाए गए।
    Click here to Read More
    Previous Article
    ओडिशा में 5 पुलिसकर्मियों की मौत, 3 घायल:पुलिस वाहन को ट्रेलर ने टक्कर मारी;
    Next Article
    12 Zodiac signs: What makes each one unique?

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment