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    ऋषिकेश में नीम करौली बाबा पर आधारित बुक लॉन्च:हिंदी सहित 3 भाषाओं में उपलब्ध; बाबा के 34 भक्तों से बातचीत कर तैयार की गई ‘दिव्य अनुभूति'

    4 days ago

    ऋषिकेश में रविवार को बाबा नीम करौली महाराज पर आधारित किताब ‘दिव्य अनुभूति’ का विमोचन किया गया। गंगा रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई संत और अन्य गेस्ट मौजूद रहे। इस मौके पर किताब के साथ ‘राम नाम कैंची धाम’ नाम का यूट्यूब चैनल भी लॉन्च किया गया। इस किताब में बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े 34 लोगों के अनुभव शामिल किए गए हैं। इन लोगों ने अपने अनुभव खुद बताए हैं, जिन्हें बातचीत के जरिए इकट्ठा कर किताब का रूप दिया गया है। कौन हैं किताब से जुड़े तीन लोग… इस किताब से तीन प्रमुख लोग जुड़े हैं। सबसे पहले हैं विनोद शुक्ला, जिन्होंने बाबा के भक्तों से बातचीत करके उनके अनुभव रिकॉर्ड किए। इसके बाद मुंबई के रहने वाले बाबा के भक्त विजय छाबड़िया और डॉ. दीपक पटवर्धन ने इन रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू को लिखकर किताब का रूप दिया। यानी एक तरह से विनोद शुक्ला ने सामग्री जुटाई और बाकी दो लोगों ने उसे किताब में बदला। 34 भक्तों की अपनी जुबानी कहानियां इस किताब में 34 ऐसे लोगों की बातें शामिल की गई हैं, जिन्होंने बाबा नीम करौली महाराज के साथ समय बिताया। ये लोग खुद बताते हैं कि उनके जीवन में क्या हुआ और बाबा ने कैसे उनकी मदद की। हर कहानी अलग है और बाबा के व्यक्तित्व की अलग झलक दिखाती है। किताब में इन लोगों की फोटो और बाबा के साथ उनके फोटो भी शामिल किए गए हैं। तीन भाषाओं में किताब, पैसे नहीं लिए यह किताब हिंदी, मराठी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में तैयार की गई है। हिंदी और मराठी में इसका नाम ‘दिव्य अनुभूति’ है, जबकि अंग्रेजी में ‘मिस्टिकल मिस्टिक’ रखा गया है। वहीं, विजय छाबड़िया और डॉ. दीपक पटवर्धन ने दैनिक भासकर को बताया है कि उन्होंने इस किताब को लिखने के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं ली है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि किताब की ब्रिकी से जो भी पैसा आएगा उसे भी धर्म और समाज हित के कामों में लगाया जाएगा। बाबा को हनुमान का रूप मानते हैं भक्त कार्यक्रम के दौरान किताब के लेखक विजय छाबड़िया ने कहा कि आज देश और दुनिया में बाबा नीम करौली महाराज को भगवान हनुमान के रूप में पूजा जाता है। उन्हें उत्तर भारत के प्रमुख संतों में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि बाबा से जुड़े लोगों ने जो अनुभव किए, उन्हीं को आधार बनाकर यह किताब तैयार की गई है। उनका कहना है कि इन कहानियों के जरिए लोग बाबा के बारे में और करीब से समझ पाएंगे। ‘राम नाम कैंची धाम’ यूट्यूब चैनल भी शुरू किताब के लोकार्पण के साथ ही ‘राम नाम कैंची धाम’ नाम का यूट्यूब चैनल भी लॉन्च किया गया। यह चैनल पूरी तरह बाबा नीम करौली महाराज को समर्पित है। इस चैनल पर बाबा, सिद्धि मां, भगवान राम और हनुमान जी से जुड़े भजन और गीत सुनने को मिलेंगे। इन गानों को विजय छाबड़िया ने लिखा और तैयार किया है।
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