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    रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट मजबूत:85 से 80वें नंबर पर आया, 55 देशों में वीजा फ्री एंट्री; सिंगापुर लगातार दूसरे साल नंबर-1

    1 day ago

    भारतीय पासपोर्ट की ताकत पिछले एक साल में बढ़ी है। पासपोर्ट रैंकिंग जारी करने वाले ऑर्गेनाइजेशन हेनली एंड पार्टनर्स की 2026 की रैंकिंग में भारत 5 स्थान की छलांग लगाकर 80वें नंबर पर पहुंच गया है। पिछले साल 2025 में भारत की रैंक 85 थी। नई रैंकिंग के मुताबिक, भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं। यह रैंकिंग पासपोर्ट धारकों को बिना पूर्व वीजा कितने देशों में प्रवेश की अनुमति है, इसी आधार पर तय की जाती है। सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है, जिसे 227 में से 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री है। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, इन देशों के नागरिक 188 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। भारतीयों के वीजा फ्री इंट्री वाले देश घटे 2025 की रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर था और 57 देशों तक वीजा-फ्री पहुंच थी। 2024 में भी भारत की रैंक 80 थी। यानी 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर से सुधार देखने को मिला है। हालांकि, वीजा-फ्री यात्रा में 2 देशों कम हो गए है। अफगानी पासपोर्ट सबसे कमजोर 186 देशों में फ्री वीजा एंट्री के साथ डेनमार्क, लक्समबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विटजरलैंड तीसरे स्थान पर रहे। अफगानी पासपोर्ट दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट है और लिस्ट में सबसे नीचे 101वें स्थान पर बना हुआ है। पाकिस्तान का पांचवां सबसे कमजोर पासपोर्ट पाकिस्तान ने भी रैंकिंग में 5 स्थान की छलांग लगाई है। पाकिस्तान की नई रैंकिंग 98वीं है। पिछले साल 2025 में PAK की रेंकिंग 103 थी। हालांकि, फिर भी उसका पासपोर्ट विश्व का पांचवां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। उसके नागरिक 31 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं। पिछले साल पाकिस्तानी पासपोर्ट चौथा सबसे कमजोर पासपोर्ट था। हालांकि, पाकिस्तानी नागरिक 33 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते थे। कैसे तय होती है रैंकिंग साल में दो बार यह रैंकिंग जारी की जाती है। पहली बार जनवरी और दूसरी बार जुलाई में इंडेक्स जारी किए जाते हैं। हेनली पासपोर्ट वीजा इंडेक्स की वेबसाइट के मुताबिक पूरे साल रियल टाइम डेटा अपडेट किया जाता है। वीजा पॉलिसी में बदलाव भी ध्यान में रखे जाते हैं। रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश का पासपोर्ट होल्डर कितने दूसरे देशों में बिना पूर्व वीजा हासिल किए यात्रा कर सकता है। इसके लिए उसे पहले से वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा कई देश वीजा फ्री ट्रैवल का ऑप्शन भी देते हैं। इसका मतलब यह है कि उस देश में कुछ खास देशों के लोग बिना वीजा के भी जा सकते हैं। हालांकि इसकी शर्तें तय रहती हैं। पासपोर्ट क्या है… पासपोर्ट किसी सरकार से जारी वह डॉक्यूमेंट होता है जो इंटरनेशनल यानी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए उसके होल्डर की पहचान कराता है और राष्ट्रीयता को वेरिफाई करता है। पासपोर्ट एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसका इस्तेमाल इंटरनेशनल टूर करने के लिए किया जाता है। पासपोर्ट के जरिए आप एक देश से दूसरे देश की यात्रा आसानी से बिना किसी रोक-टोक के कर सकते है। पासपोर्ट किसी व्यक्ति की पहचान के लिए एक वैलिड प्रूफ होता है। पासपोर्ट की मदद से व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हर साल 2 लाख लोग भारतीय नागरिकता छोड़ रहे:5 साल में 9 लाख विदेश में बसे; सरकार ने कहा- 2021 के बाद संख्या बढ़ी भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया है कि पिछले 5 सालों में करीब 9 लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। राज्यसभा में जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह कहा- 2011 से 2024 के बीच लगभग 21 लाख भारतीयों ने विदेशी नागरिकता अपनाई। पूरी खबर पढ़ें…
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