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    रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस:अधिकारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट का आरोप; सेंट्रल फोर्स के जवान बुलाए गए

    12 hours ago

    रांची के ED ऑफिस में झारखंड पुलिस जांच करने के लिए पहुंची है। यह जांच ED के अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाते हुए दर्ज प्राथमिकी के तहत की जा रही है। ED दफ्तर में सदर DSP और एयरपोर्ट थाना के प्रभारी मौजूद हैं। वहीं ED की ओर से सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल पुलिस के फोर्सेस को बुलाया गया है। रांची पुलिस की ओर से अब भी जांच चल ही रही है। पेयजल विभाग के कर्मचारी ने दर्ज कराई FIR रांची के चुटिया के संतोष कुमार ने प्रवर्तन ‎निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों पर‎ मारपीट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज और‎ धमकी देने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना‎ में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में ED‎ के सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम ‎को नामजद आरोपी बनाया गया है। संतोष‎ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा शीर्ष‎कार्य प्रमंडल रांची में शहरी जलापूर्ति योजना‎ की राशि में से 20 करोड़ रुपए से अधिक का‎ घोटाला करने के आरोपी हैं। PHED प्रमंडल ‎रांची में कार्यरत कैशियर संतोष कुमार को पूर्व‎ में रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्तमान में ‎वह जमानत पर जेल से बाहर हैं। घोटाले के‎ इस मामले की जांच ED कर रही है।‎ जानिए, FIR की पूरी कहानी इधर, संतोष की ओर से दर्ज प्राथमिकी के‎ अनुसार, संतोष को 12 जनवरी को सुबह 10‎ बजे ED कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश‎ मोबाइल फोन पर दिया गया था। वह सुबह ‎9.45 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि‎ अपराह्न करीब 1.35 बजे सहायक निदेशक ‎प्रतीक ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया, जहां पहले‎ से शुभम मौजूद थे। पूछताछ के दौरान उनसे ‎आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। ‎मना करने पर दोनों अधिकारियों द्वारा कथित तौर ‎पर उनके साथ मारपीट की गई और गालियां दी‎ गईं। 16 जनवरी को दोबारा पेश‎ होने के लिए जबरन लिखवाया‎‎ पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि‎उनसे 16 जनवरी को दोबारा ED कार्यालय ‎में उपस्थित होने से संबंधित आवेदन जबरन‎ लिखवाया गया। रात 10.45 बजे तक‎ उन्हें कार्यालय में रोके रखा गया, ताकि वे‎ घटना की सूचना अपने परिवार,‎अधिवक्ता, थाना या मीडिया को न दे ‎सकें। छोड़ते समय भी उन्हें और उनके ‎परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। ‎इधर, एयरपोर्ट थाना पुलिस ने मामला‎ दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।‎ डंडे से हमला करने का आरोप, सिर पर छह टांके लगे‎ प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने डंडे से संतोष पर हमला किया‎और जान से मारने की नीयत से लगातार मारते हुए कहा कि अगर मर भी‎जाओगे तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मारपीट के कारण उनका सिर फट गया ‎और ज्यादा खून बहा। संतोष कुमार का आरोप है कि दोपहर करीब 2‎ बजे उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां सिर में छह टांके‎ लगे। अस्पताल में भी उन्हें धमकाया गया कि डॉक्टर को चोट लगने की सच्चाई‎ न बताएं। नहीं तो उन्हें और उनके परिवार को जेल भेज दिया जाएगा। प्राथमिकी‎ के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद उन्हें दोबारा ED कार्यालय ले जाया‎ गया, जहां साक्ष्य मिटाने की नीयत से जबरन खून से सनी टी-शर्ट उतरवा कर‎ नई टी-शर्ट पहनाई गई। आरोप है कि इसके बाद उनसे इंसिडेंट रिपोर्ट लिखे एक ‎कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए, जिसे उन्हें पढ़ने तक नहीं दिया गया।‎ 18 दिसंबर, 2023 को सदर‎ थाना में दर्ज हुई थी प्राथमिकी‎ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के‎कैशियर संतोष कुमार के खिलाफ 18 ‎दिसंबर 2023 में रांची के सदर‎ थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उन‎ पर आरोप था कि उन्होंने मार्च ‎2020 में एलएंडटी कंपनी के फर्जी‎ बिल के आधार पर 2.17 करोड़‎ रुपए को फर्जी खाते में हस्तांतरित‎ कर लिया था। इसी केस के आधार ‎पर ED ने ECIR दर्ज किया ‎और अनुसंधान कर रही है।‎
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