Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा:भोपाल में दाम 117 रुपए प्रति लीटर तक हुए, सामान्य पेट्रोल पुरानी कीमत पर ही मिलेगा

    11 hours ago

    सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी 20 मार्च को स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए पहुंच गई है। सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से बेचता है। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL इसे पावर और इंडियन ऑइल यानी IOCL XP95 के नाम से इसे बेचता है। ये सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 10-12 रुपए महंगा होता है। पेट्रोल की कीमतों में यह बढ़ोतरी कच्चा तेल महंगा होने की वजह से की गई है। ईरान जंग की वजह से कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए है। इंडियन बास्केट की कीमत तो 70 डॉलर से बढ़कर 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। देश के प्रमुख शहरों में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें... सामान्य और प्रीमिय पेट्रोल में ऑक्टेन वैल्यू का अंतर सामान्य और प्रीमियम पेट्रोल में मुख्य अंतर इनके ऑक्टेन नंबर का होता है। प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन लेवल ज्यादा होता है जो इंजन को 'नॉकिंग' (झटके) से बचाकर बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ देता है। प्रीमियम पेट्रोल के दाम इसलिए ज्यादा होते हैं क्योंकि इसकी रिफाइनिंग प्रोसेस महंगी है और इसे बनाने के लिए खास 'एडिटिव्स' का इस्तेमाल होता हैं। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है। सामान्य पेट्रोल के मुकाबले यह पहले से ही 5 से 10 रुपए महंगा था। प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री कुल पेट्रोल का केवल 3-4% प्रीमियम फ्यूल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का एक छोटा हिस्सा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि प्रीमियम कैटेगरी के पेट्रोल में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह बेचे जाने वाले कुल पेट्रोल का केवल 3-4% ही है। कंपनियों के मार्जिन पर था दबाव: बाजार विशेषज्ञ बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मार्केटिंग मार्जिन में कमी आने के कारण तेल कंपनियां दबाव में थीं। चूंकि प्रीमियम फ्यूल की कीमतें डी-रेगुलेटेड (बाजार आधारित) कैटेगरी में आती हैं, इसलिए कंपनियां इसकी कीमतों में बदलाव करने के लिए स्वतंत्र हैं। प्रीमियम फ्यूल सेगमेंट में मार्जिन बेहतर होता है, इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और मिड-ईस्ट में जारी तनाव पर सबकी नजर रहेगी। अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं। भारत में कच्चा तेल दोगुना होकर 146 डॉलर पर पहुंचा जंग के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम आज 109.54 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। एक दिन पहले कच्चे तेल का दाम 117.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। वहीं भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई हैं। भारत इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से तेल खरीदता हैं। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का जो औसत निकाला जाता है, उसे ही 'इंडियन बास्केट' कहते हैं। कच्चे तेल के तीन बड़े बेंचमार्क दुनियाभर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है। वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है। क्या होता है प्रीमियम पेट्रोल अगर आप अपनी कार या बाइक की परफॉर्मेंस और इंजन की लंबी उम्र को लेकर फिक्रमंद हैं, तो 'प्रीमियम पेट्रोल' आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। साधारण पेट्रोल के मुकाबले इसमें ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है, जो इंजन के अंदर फ्यूल को समय से पहले जलने (नॉकिंग) से रोकता है और गाड़ी को स्मूथ ड्राइविंग एक्सपीरियंस देता है। प्रीमियम पेट्रोल में खास तरह के क्लीनिंग एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन के इंटरनल पार्ट्स और फ्यूल इंजेक्टर्स पर जमी कार्बन की परत को साफ करते हैं, जिससे न केवल माइलेज में सुधार होता है बल्कि इंजन की ताकत भी बढ़ती है। हालांकि यह साधारण पेट्रोल से थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन हाई-एंड परफॉर्मेंस कारों और मॉडर्न इंजनों के लिए इसे हेल्थ ड्रिंक माना जाता है। क्या आपकी गाड़ी के लिए प्रीमियम पेट्रोल जरूरी है? नॉर्मल कार/बाइक: अगर आपकी गाड़ी 100cc से 1500cc के बीच है और नॉर्मल इंजन वाली है, तो प्रीमियम पेट्रोल की जरूरत नहीं है। लग्जरी/स्पोर्ट्स कार: अगर गाड़ी के मैनुअल में 95 ऑक्टेन फ्यूल लिखा है, तो प्रीमियम ही डालें वरना इंजन में 'नॉकिंग' की समस्या हो सकती है। पुरानी गाड़ी: पुरानी गाड़ियों के इंजन की सफाई के लिए कभी-कभी प्रीमियम फ्यूल इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। क्या होता है ऑक्टेन नंबर? पेट्रोल की गुणवत्ता 'ऑक्टेन' से मापी जाती है। सामान्य पेट्रोल 91 ऑक्टेन का होता है। प्रीमियम पेट्रोल 95 या 97 ऑक्टेन का होता है। हाई ऑक्टेन फ्यूल इंजन के अंदर नॉकिंग को रोकता है, जिससे इंजन स्मूथ चलता है। ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा: पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है; हमले से कतर का प्लांट बंद, यूरोप में गैस की कीमत 30% बढ़ी ईरान की ओर से खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर नए हमलों के बाद आज 19 मार्च को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी है। जंग शरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है। इसके बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read More
    Previous Article
    1.5 Lakh Farmers Hit As Rule To Fix Errors Used To Usurp Land In Maharashtra
    Next Article
    NZ vs SA: Latham leads New Zealand to easy win, go 2-1 up

    Related व्यापार Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment