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    पीएम मोदी का असम दौरा:₹5,450 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, हाईवे पर फाइटर जेट्स की लैंडिंग देखेंगे

    11 hours ago

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे की शुरुआत वे डिब्रूगढ़ के पास मोरान बाइपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) से करेंगे, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र की अपनी तरह की पहली सुविधा है। प्रधानमंत्री को लेकर विमान इसी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरेगा। पीएम की मौजूदगी में इसी लैंडिंग फैसिलिटी पर राफेल और सुखोई एक स्पेशल एरियल डेमो करेंगे। इसमें विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ दिखाएंगे। डेमो करीब 30-40 मिनट का होगा। पिछले तीन महीने में पीएम मोदी का यह तीसरा असम दौरा है। राज्य में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होना है। असम में 2016 से लगातार दो बार NDA की सरकार बनती आ रही है। इससे पहले 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार थी। असम में बनी पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी मोरान एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ELF का मतलब है कि युद्ध या आपात स्थिति में विमान हाईवे पर उतर या उड़ान भर सकते हैं। इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा की ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। यह एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा से सटा है। 3,030 करोड़ की लागत से बने छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट करीब ₹3,030 करोड़ की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु पूर्वोत्तर का पहला छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल है। ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 1.24 किमी लंबा यह पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ेगा है। इसके शुरू होने से दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग सात मिनट रह जाएगा। भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का उपयोग किया गया है। साथ ही ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) भी लगाया गया है, जिससे पुल की स्थिति की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। मोदी कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नेशनल डेटा सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे। 8.5 मेगावॉट की स्वीकृत क्षमता और प्रति रैक औसतन 10 किलोवॉट क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डिजिटल अनुप्रयोगों की मेजबानी करेगी और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगी। इससे पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे प्रधानमंत्री पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। 4 दिन पहले ही असम में फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुआ था PM मोदी का असम दौरा 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर अहम माना जा रहा है। यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं है, बल्कि चुनावी बिगुल और समर्थन जुटाने का भी एक बड़ा मंच माना जा रहा है। चुनाव आयोग ने 10 फरवरी को ही असम में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी की है। इसमें कुल लगभग 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। SIR के दौरान लगभग 2.43 लाख नाम हटा दिए गए हैं। असम विधानसभा चुनाव में NRC- CAA बड़ा मुद्दा असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में NRC (National Register of Citizens) और CAA (Citizenship Amendment Act) का मुद्दा फिर से राजनीतिक केंद्र में है, क्योंकि राज्य की राजनीति लंबे समय से नागरिकता और पहचान के सवालों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। 1985 के असम समझौते के अनुसार 24 मार्च 1971 के बाद राज्य में आए लोगों को अवैध प्रवासी माना जाना था। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में NRC अपडेट किया गया और 2019 में जारी अंतिम सूची से लगभग 19 लाख लोगों के नाम बाहर रह गए। इसमें हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लोग शामिल थे। इससे लोगों में काफी असंतोष पैदा हुआ। आलोचकों ने कहा कि गरीब, ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए 50 साल पुराने दस्तावेज जुटाना बेहद कठिन था। कई परिवारों में एक सदस्य का नाम शामिल हुआ, तो दूसरे का बाहर रह गया। विवाद तब और बढ़ा जब 2019 में CAA लागू हुआ। यह कानून 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का रास्ता देता है। असम में इसे NRC की भावना के विपरीत माना गया, क्योंकि राज्य में पहले 1971 कट-ऑफ को सख्ती से लागू करने की मांग रही है। NRC की सूची को अभी तक औपचारिक रूप से अधिसूचित (notified) नहीं किया गया है। सुधार/पुनरीक्षण और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे यह मुद्दा अब भी राजनीतिक बहस के केंद्र में है। ------------------ पीएम मोदी के असम दौरे से जुड़ी ये खबरे भी पढ़ें... असम में मोदी बोले- बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस ने ही बसाए:उन्हें बचा भी रही, इसलिए SIR का विरोध असम दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। पूरी खबर पढ़ें… मोदी बोले- कांग्रेस ने घुसपैठियों से जमीन पर कब्जा कराया:ये कांग्रेस के कट्टर वोटर, हिमंता सरकार कब्जे हटाकर घुसपैठियों को खदेड़ रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम में कहा कि कांग्रेस असम को अपना नहीं मानती। आजादी के बाद असम के सामने कई चुनौतियां थीं। कांग्रेस ने समस्या का समाधान नहीं निकाला। जब जरूरत अपने लोगों के जख्म भरने, उनकी सेवा करने की थी तब कांग्रेस ने घुसपैठियों की सेवा की। पूरी खबर पढ़ें…
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