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    प.बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यक्रम स्थल का विवाद:केंद्रीय गृह सचिव ने ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी, आज शाम 5 बजे तक देनी होगी

    9 hours ago

    केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। घटना पर पीएम मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। दरअसल 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने राष्ट्रपति पश्चिम बंगाल पहुंचीं थीं। इसी दौरान उन्होंने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फांसिदेवा में तय किया गया मैदान काफी छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। राष्ट्रपति मुर्मू ने और क्या कहा… जानें पूरा मामला… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम में बुलाया गया था। ये असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। जब राष्ट्रपति शनिवार दोपहर को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो कुछ ही लोग मौजूद थे। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने वाले अकेले प्रतिनिधि थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद होता है। पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा। ममता बोलीं-राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है। CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी। राष्ट्रपति ने संथाल युवाओं से भाषा-परंपरा बचाने की अपील की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संथाल समुदाय के योगदान को सही पहचान नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कई महान हस्तियों को जानबूझकर इतिहास में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा अपनाने, भाषा और परंपराओं को बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संताल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज, तिलका मांझी ने लगभग 240 साल पहले शोषण के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था। उनके विद्रोह के लगभग 60 साल बाद, बहादुर भाइयों सिद्धो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर बहनों फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संताल हुल का नेतृत्व किया। मुर्मू ने कहा, "लेकिन मुझे पता है कि संथालों ने देश के लिए कितना योगदान दिया है। बाबा तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और चांद-भैरव, और भी ऐसे लोग हैं जिनके नाम इतिहास में नहीं हैं। मुझे लगता है, अगर उनके नाम शामिल होते, तो पूरा इतिहास उनके नामों से भर जाता। मुर्मू ने कार्यक्रम में और क्या कहा… ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं। दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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