Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    मॉडल हर्षा बोलीं- सनातनी रहूंगी, प्रचार नहीं करूंगी:जबलपुर में कहा- एक्टिंग-मॉडलिंग से ज्यादा धर्म के काम में विरोध; यह देश पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित

    1 day ago

    सनातन धर्म को कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन उस व्यक्ति को न अपनाए। मैंने धर्म नहीं, धर्म ने मुझे अपनाया है। सनातन धर्म का प्रचार जो एक साल से कर रही थी, उसे अब मैं यहीं विराम दे रही हूं। ये बात महाकुंभ के दौरान वायरल हुईं मॉडल हर्षा रिछारिया ने जबलपुर में कही। मकर संक्रांति के मौके पर हर्षा नर्मदा स्नान के लिए आई थीं। इस दौरान उन्होंने कहा- जिन धर्मगुरुओं की एक झलक पाना हम सौभाग्य समझते हैं, उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं, वही अगर एक लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं, तो मैं अकेली कितना लड़ूंगी। जब हम धर्म के विषय में बात करते हैं, तो गैर-धर्म से पहले हमें अपने ही धर्म के लोगों से लड़ना पड़ता है। हर्षा ने कहा- हमारे धर्मगुरु ही हम पर शक करते हैं, जिसका फिर जवाब भी देना पड़ता है। हमारे धर्म में ही एकता नहीं है। घमंड हर किसी को है। यह देखा जाता है कि अगर कोई लड़की धर्म की राह पर आगे बढ़ रही है, तो उसे कैसे रोका जाए, कैसे नीचे गिराया जाए। एक साल की परीक्षा और संघर्ष के बाद विराम हर्षा रिछारिया ने अपने विरोधियों का नाम लिए बिना कहा कि मेरे विरोध में अगर दस लोग खड़े हैं, तो उनके सामने मैं अकेली खड़ी हुई हूं। एक साल में मैंने बहुत सारी परीक्षाएं दीं, सबको मनाने की कोशिश की, पर अब सबको यहीं विराम देने के बाद मैं अपने पुराने काम को पूरा करूंगी। हर्षा ने कहा- जो काम एक्टिंग और मॉडलिंग का था, उसमें कहीं से भी विरोध नहीं था। शांति से जी सकती थी। मुझे लगता था कि धर्म के रास्ते में शांति है, पर अब लगता है कि पुराने काम में ही शांति थी। करोड़ों के सिंहासन पर बैठकर मेरा विरोध कर रहे हर्षा रिछारिया ने साध्वी बनने पर एतराज जताने वालों को चुनौती देते हुए कहा- जिन लोगों को मुझ पर शक है, वे मेरा बैंक अकाउंट देख लें। करोड़ों के सिंहासन पर बैठकर कुछ लोग मेरा विरोध कर रहे हैं। अगर स्त्री और नारी के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो यह कौन सा धर्म है? हम किस धर्म को मानते हैं? मैं धर्म का प्रचार कर रही थी, अब उस पर विराम दूंगी हर्षा ने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल से मैं जिस तरह खुले रूप में धर्म का प्रचार कर रही थी, अब उस पर विराम दूंगी। जिन धर्मगुरुओं की एक झलक को हम सौभाग्य मानते हैं, वही अगर लगातार एक साल तक एक लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं, तो मैं अकेली कब तक लड़ूं। जब धर्म की बात होती है, तो सबसे पहले अपने ही धर्म के लोगों से संघर्ष करना पड़ता है। स्वाभिमान और अहंकार इतना टकराते हैं कि यह देखा जाता है कि कोई लड़की आगे कैसे बढ़ रही है, उसे कैसे रोका जाए। अगर किसी स्त्री का मनोबल नहीं तोड़ पा रहे हो, तो उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर दिया जाता है। यह पौराणिक काल से आज तक चलता आ रहा है। यह देश नारी को आगे बढ़ने से रोकता है हर्षा रिछारिया ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में गंगा स्नान के बाद वे सार्वजनिक रूप से ‘हर-हर महादेव’ कहकर अपने इस फैसले की घोषणा करेंगी। उन्होंने कहा- लगातार एक साल से मुझे परीक्षाओं से गुजरना पड़ा है। मैं सीता माता नहीं हूं कि इतनी परीक्षाएं दूं। अपनेपन की उम्मीद लेकर मैं धर्म के रास्ते पर चली थी, लेकिन लगातार मेरा तिरस्कार किया गया। हर्षा ने समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित है, जहां नारी को आगे बढ़ने से रोका जाता है। ये खबर भी पढ़ें... हर्षा बोली- मर्यादा नहीं तोड़ी, फिर विरोध क्यों प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई मॉडल हर्षा रिछारिया ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया। इस वीडियो में वह सुसाइड करने की धमकी दे रही हैं। हर्षा ने आरोप लगाए कि महाकुंभ के दौरान उनके जो वीडियो वायरल हुए वो एआई जनरेटेड थे। इन्हें करोड़ों लोगों ने देखा और उन्हें ट्रोल किया। पढ़ें पूरी खबर...
    Click here to Read More
    Previous Article
    Pakistan ties up with crypto business of Donald Trump’s family; World Liberty Financial to explore stablecoins use
    Next Article
    12 Powerful Surya Mantras for Each Zodiac Sign to Activate Success & Confidence

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment