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    जेल से बाहर निकले पप्पू यादव:तीनों केस में कोर्ट से मिली बेल; बोले- सत्यमेव जयते, न्याय-इंसाफ के लिए लड़ता रहूंगा

    23 hours ago

    पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने तीनों केस में उन्हें जमानत दे दी है। वो जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर आते ही पप्पू यादव ने कहा, ‘सच बोलना इतना तकलीफदेह होगा कि कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे> ये मुझे नहीं पता था।’ कोर्ट ने जमानत देते हुए आदेश दिया कि जब भी मामले की सुनवाई होगी तो उन्हें सशरीर उपस्थित होना होगा। पप्पू यादव को 6 फरवरी को पुलिस ने 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट से उन्हें इस केस में जमानत मिल गई, लेकिन पुलिस ने 2 केस और जोड़ दिए। कोर्ट ने उन दोनों मामलों में पप्पू यादव को फिर जेल भेज दिया था। दोनों ही मामले कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़े थे, जिनमें एक 2017 और दूसरा 2019 में दर्ज किया गया था। 9 फरवरी से पटना सिविल कोर्ट में लगातार उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है, लेकिन राहत नहीं मिल रही थी। अब पढ़िए 12 फरवरी को कोर्ट रूम में क्या-क्या हुआ… पेशकार: कोतवाली कांड संख्या 1113/19 के पक्ष से हाजिर हों। व्हील चेयर पर बैठे-बैठे पप्पू यादव बोले- जी हुजूर कोर्ट: मेडिकल तौर पर अब आप कैसे हैं, फिट हैं न, अब कोई तकलीफ तो नहीं है? पप्पू यादव: लड़खड़ाते हुए व्हील चेयर से उठे और बोले- हुजूर, संसद में आज मेरा अहम मसले पर डिबेट था। राष्ट्रपति के अभिभाषण में शिरकत होना था। NEET वाले मुद्दे को रखना था। सब पेंडिंग रह गया हुजूर। कोर्ट: नहीं.. नहीं आपके स्वास्थ्य के बारे में पूछ रहा हूं, अब आप फिट हैं न? पप्पू यादव: क्या बताऊं हुजूर प्रोस्टेट काफी बढ़ गया है। दर्द के चलते बेचैनी है। बता नहीं सकता कि कितना दर्द हो रहा है और मैं कितनी तकलीफ में हूं। कोर्ट: जेल सुप्रिटेंडेंट इनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें। बेहतर मेडिकल सुविधा दें। पप्पू यादव: हुजूर, सुबह-सुबह जेल में अखबार पढ़ रहा था। एक इसी तरह के वाक्य पर आधारित मध्य प्रदेश में हुई घटना पर आर्टिकल छपी है। उसे एक बार देख लिया जाता। कोर्ट : ठीक है। आज आपको कोतवाली कांड मामले में रिमांड पर लिया जा रहा है। पप्पू यादव: जी हुजूर जानिए किस केस में रिमांड पर थे पप्पू यादव पप्पू यादव ने पूछा- मुझे खतरनाक अपराधी की तरह क्यों पेश किया गया.. पप्पू यादव के वकील के मुताबिक, सांसद ने अपने वकील के माध्यम से एक भावुक मैसेज दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन उनसे क्या चाहता है? उन्होंने कहा, "मैं न तो किसी के निजी जीवन के आलोचक हूं और न ही सरकार के किसी व्यक्ति, मंत्री या विधायक का विरोधी। मैं गरीबों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और हर वर्ग के लिए न्याय और खुशियों की लड़ाई लड़ता हूं। मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि कोई भी व्यक्ति गलत नीतियों और उत्पीड़न का शिकार न हो।" सांसद ने कहा, "लोकसभा का सत्र चल रहा है, इसके बावजूद आंदोलन और आचार संहिता से जुड़े पुराने मामलों में मेरे साथ खतरनाक अपराधी जैसा व्यवहार किया गया।" उन्होंने बताया कि 17, 18 और 24 तारीख के मामलों में वे थाने से जमानत पर हैं। ऐसे मामलों की सूचना देना पुलिस और थाने की जिम्मेदारी है, लेकिन बिना सूचना दिए उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया? पप्पू यादव ने सवाल किया कि जब वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, हर कार्यक्रम में शामिल होते हैं और उनकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस प्रशासन को रहती है, तो फिर उन्हें “फरार” कैसे घोषित किया गया? पुराने केस 2026 में क्यों याद आए? पप्पू यादव के वकील ऋषि केश नारायण सिन्हा के मुताबिक, सांसद ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान वे सबसे अधिक सक्रिय थे, फिर भी उन्हें फरार घोषित कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि पुराने मामलों की याद अचानक 2026 में ही क्यों आई? क्या यह आम जनता की आवाज दबाने की कोशिश है? सांसद ने कहा कि उनका जीवन हमेशा आम लोगों के लिए रहा है। एम्बुलेंस से पहले पहुंचने वाला, हर संकट में साथ खड़ा रहने वाला पप्पू- आखिर उसके साथ बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियों को न्याय दिलाने की लड़ाई के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। सदन में उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है ताकि बेटियों के मुद्दे उठ न सकें। अब जानिए 10 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ... पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव 10 फरवरी की दोपहर करीब 12:30 बजे MP-MLA कोर्ट आए। पुलिस उन्हें कैदी वैन में बैठाकर बेऊर जेल से लाई थी। वह जैसे ही पहुंचे वैन के पास भीड़ जुट गई। कुछ सांसद के समर्थक थे तो बड़ी संख्या में पुलिस के जवान। सांसद को उतारने के लिए वैन का पिछला दरवाजा खोला गया। अब तक बेंच पर बैठकर खिड़की पर लगी जाली से झांककर बाहर की स्थिति का अंदाजा लगा रहे पप्पू यादव धीरे-धीरे खड़ा हुए। एक पुलिसकर्मी उनके बेहद पास मौजूद थे। वैन से उतरने से पहले सांसद ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने झुककर सामने मौजूद लोगों को प्रणाम किया। इसके बाद पुलिस सांसद को व्हीलचेयर पर बैठाकर कोर्ट के अंदर ले गई। अब पढ़िए मुख्यमंत्री को पप्पू यादव की चिट्ठी सांसद पप्पू यादव ने सरकार, अधिकारियों और भाजपा नेताओं का नाम लेते हुए पत्र जारी किया है। इसमें लिखा… ‘माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दीपक बाबू, प्रत्यय अमृत, सम्राट बाबू, डीजीपी साहब, कुंदन कृष्णन साहब, ललन बाबू, संजय बाबू आपको हृदय से आभार और सम्मान! मुझे नहीं पता कि सरकार आज कौन चला रहे हैं? मुझे यह पता था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चल रही है। लेकिन अब लगता है कि जिस नीतीश कुमार का सम्मान मैंने हमेशा किया, उनके साथ खड़ा रहा, पहली बार जब सरकार बन रही थी तब भी हम उनके साथ सगे भाई की तरह जीने मरने को तैयार थे, उस नीतीश कुमार की सरकार नहीं है।’ वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
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    Dhruv Patel and Dipika Patel: Inside the Azerbaijan kidnapping of two Indians headed to US via 'donkey route'
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