Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    हरियाणा का आयरन मैन अर्जेंटीना में लड़ेगा बड़ी फाइट:18 साल छोटे फ्रेंच फाइटर को चुनौती देंगे संग्राम सिंह; 5 अप्रैल को मुकाबला

    19 hours ago

    हरियाणा के दिग्गज एमएमए फाइटर संग्राम सिंह एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। प्रोफेशनल रेसलिंग से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) की दुनिया में कदम रखने वाले संग्राम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का झंडा बुलंद करने जा रहे हैं। 5 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के टाइग्रे, ब्यूनस आयर्स में आयोजित होने जा रहे समुराई फाइट हाउस 28 (SFH 28) में संग्राम सिंह मुख्य मुकाबले में उतरेंगे। यह सिर्फ एक फाइट नहीं, बल्कि भारतीय एमएमए इतिहास का वह क्षण होगा जब पहली बार कोई भारतीय फाइटर अर्जेंटीना की धरती पर प्रतिस्पर्धा करेगा। संग्राम सिंह अपनी उम्र से 18 साल छोटे फ्रांस के उभरते हुए फाइटर माटेओ मोंटेइरो के साथ फाइट करेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतनी ज्यादा उम्र में तेज-तर्रार युवक से संग्राम फाइट करेंगे। रोजाना 6 घंटे कर रहे प्रैक्टिस संग्राम भारतीय और रशियन कोच की निगरानी में रोज 6 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। पिछले दिनों संग्राम सिंह पेरिस, थाईलैंड और बाली में ट्रेनिंग शेड्यूल पूरा करके आए थे। खास बात ये है कि हरियाणवी फाइटर शुद्ध शाकाहार पर निर्भर हैं। दूध-घी-चूरमा उनकी डाइट का अहम हिस्सा है। संग्राम सिंह दो बार एमएमए खिताब जीत चुके हैं। इंग्लैंड के पहली बार केज में उतरेंगे। टाइग्रे, ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना में आयोजित समुराई फाइट हाउस 28 (SFH 28) का यह मुकाबला उनके करियर की तीसरा प्रोफेशनल फाइट है। संग्राम मूलरूप से रोहतक के मदीना गांव से नाता रखते हैं। एमएमए में बॉक्सिंग, किक बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु सब शामिल रहता है। यानी एक ही फाइट में मारना, पकड़ना, गिराना और सबमिशन सब कुछ शामिल होता है। संग्राम सिंह के खेल के रोचक किस्से... 90 सेकेंड में पाक फाइटर नासिर को हराया: जीवन के 50 साल पूरे कर चुके संग्राम सिंह ने 21 जुलाई,2024 को पाकिस्तान के अली रजा नासिर को हरा चुके हैं। नासिर ने जॉर्जिया में अपने डेब्यू मैच में मात्र 90 सेकेंड में जीत दर्ज की थी, लेकिन संग्राम के सामने उनका आक्रामक अंदाज टिक नहीं पाया। इसके बाद एम्स्टर्डम में हुई लेवल्स फाइट लीग (LFL) में संग्राम ने ट्यूनीशिया के युवा और तेज-तर्रार चैलेंजर हाकिम ट्राबेलसी को हराकर यूरोपीय सर्किट में पकड़ मजबूत की। फाइट विनर को एक करोड़ इनाम: अर्जेंटीना में आयोजित इस फाइट को विनर को प्राइज में लगभग एक करोड़ रुपए मिलेंगे। साथ ही रैंक में सुधार होगा। फाइट के टिकट की कीमत 50 हजार रुपए तक है। उसके बाद टाइटल खेलने के लिए मौका मिलता है। टाइटल के दौरान करोड़ों रुपए मिलते हैं। संग्राम सिंह ने पिछली फाइट 2 नवंबर 2025 को नीदरलैंड में लड़ी और जीती। फ्रेंच चैलेंजर माटेओ मोंटेइरो से मुकाबला एसएफएच 28 के मुख्य मुकाबले में संग्राम सिंह का सामना फ्रांस के उभरते हुए फाइटर माटेओ मोंटेइरो से होगा। यह मुकाबला एशिया और यूरोप की प्रतिभा के बीच जोरदार टकराव माना जा रहा है। जहां संग्राम अपने अनुभव और रणनीतिक परिपक्वता के साथ उतरेंगे, वहीं मोंटेइरो युवा जोश और आक्रामकता के दम पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहेंगे। खेल से जुड़े एक्सपर्ट कहते हैं कि संग्राम को इस मुकाबले में बेहद सधे हुए अंदाज में उतरना होगा, क्योंकि मामूली गलती भी इस तरह के फाइटर के सामने भारी पड़ सकती है। ये अनुभव बनाम आक्रामकता की टक्कर होगी। जीतने के लिए जा रहा अर्जेंटीना- संग्राम अपने तीसरे अंतरराष्ट्रीय एमएमए मुकाबले को लेकर दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा रेसलिंग और एमएमए अलग दुनिया मानी जाती हैं, मुकाबले के लिए लगातार मेहनत की जा रही है, लेकिन अनुशासन, फिटनेस और योद्धा भावना हर मंच पर काम आती है। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना में वह केवल हिस्सा लेने नहीं, बल्कि जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेंगे। कोच के मार्गदर्शन में कड़ी तैयारी एसएफएच 28 के लिए संग्राम ने अपने कोच भूपेश कुमार और टीम के साथ गहन प्रशिक्षण लिया है, उनकी ट्रेनिंग में ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, ट्रांजिशन और मुकाबला-विशेष फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया गया है। संग्राम का कहना है कि एमएमए में निरंतर विकास जरूरी है और वह अपने सबसे तैयार रूप में केज में उतरेंगे। अनुभव बनाम युवा आक्रामकता का रोमांचक टकराव जहां माटेओ मोंटेइरो यूरोप की नई पीढ़ी की एमएमए प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं संग्राम वर्षों के अनुभव और रेसलिंग पृष्ठभूमि के साथ मुकाबले में उतरेंगे। यह टकराव एसएफएच 28 का सबसे रोमांचक मुकाबला माना जा रहा है, जिसमें रणनीति, ताकत और मानसिक संतुलन की असली परीक्षा होगी। 3 साल की उम्र में थे बचने के चांस कम संग्राम बताते हैं-3 साल का था, जब मुझे रुमेटॉइड गठिया हो गया था। लंबे समय तक कोई इस बीमारी को समझ नहीं पाया। कोई कहता था कि पेट में कीड़े पड़ गए हैं, तो कोई अलग ही बीमारी बता देता। डॉक्टर्स के साथ वैद्य से भी इलाज करवाया गया। इलाज के लिए 2 से 3 किलोमीटर तक मां गोद में लिए पैदल ही चलती थी। किसी गाड़ी या टैक्सी के लिए पैसे नहीं होते थे, शरीर में दर्द बढ़ता गया, शरीर पतला हो गया। खुद से खाना भी नहीं खा पाता था। मां गोद में उठाकर नित्य कर्म के लिए ले जाती थी। किसी तरह पैसे इकट्ठा करके घरवालों ने मुझे दिल्ली के हॉस्पिटल में दिखाया। वहां के डॉक्टर ने कहा कि यह बीमारी मौत के साथ जाती है। इसके बचने के बहुत कम चांसेज हैं। इतना सब कुछ सुनने के बाद भी मेरे घरवालों ने हार नहीं मानी। उन्हीं की मेहनत और परमात्मा के आशीर्वाद से मैं ठीक हो गया और खुद के पैरों पर खड़ा हुआ।’ संग्राम सिंह की फाइट को लेकर क्या तैयारी... रशियन कोच हायर किया: संग्राम सिंह ने भारतीय कोच भूपेश के साथ ही एक रशियन कोच हायर किया है। एक भारतीय फिजियोथैरेपिस्ट फाइट के लिए हायर किया है। 21 लाख रुपए भुगतान का कांट्रेक्ट है। रोज एक हजार सिट-अप्स: रोजाना 6 घंटे में वर्कआउट, ट्रेनिंग, फिजियोथैरेपी और फाइट से जुड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं में जुटे हुए हैं। 1000 सिट-अप, सूर्य नमस्कार और कई तरह के योग करते हैं। सप्ताह में तीन दिन बैडमिंटन और फुटबॉल खेलते हैं, रेसलिंग करते हैं। दिन में 2 बार खाना: एक्सरसाइज के दौरान अलग-अलग फल खाते हैं, बादाम लेते हैं। लंच में दाल, सब्जी और सलाद रहता है। रोज लगभग 200 ग्राम घी लेते हैं। दिन में दो बार ही भोजन लेते हैं। डिनर में वे मीठा दलिया व दूध पीते हैं। रोजाना 1 लीटर दूध ले रहे हैं। सप्ताह में एक दिन चूरमा और हलवा जरूर खाते हैं। रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ: सोने से पहले रोज हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और मंदिर जाते हैं। कहते हैं-जीवन में माता-पिता और गुरु का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। मां से प्यार मिलता है, पिता से सुरक्षा और गुरु से समर्पण भाव मिलता है। स्कूल में बच्चे बीमारी का बनाते थे मजाक संग्राम बताते हैं- एक वक्त ऐसा था कि लोग मेरी इस कमजोरी का मजाक बनाते थे। स्कूल में भी लोग हंसते थे। उस समय व्हीलचेयर जैसी चीजें आम नहीं थी। लकड़ी का सहारा लेकर किसी तरह चलता था। चलते वक्त ऐसा महसूस होता था कि मानो पैरों में कांटे चुभ रहे हो। कुश्ती देख पहलवान बनने का फैसला एक दिन मैंने गांव में कुश्ती देख ली। किसी ने मुझे बैसाखी के जरिए अखाड़े तक पहुंचाया। अखाड़े में पहलवानों के खाने के लिए दूध-दही और घी की व्यवस्था थी। साथ में पैसे और बहुत सारा सम्मान भी मिलता था। मैं मन ही मन बहुत प्रभावित हुआ। सोचने लगा कि काश, मैं भी कुश्ती खेल पाता। मेरे बड़े भाई साहब अखाड़े में जाते थे। वहां खड़े एक मेंटर से मैंने कहा कि मुझे भी कुश्ती सीखनी है। उन्होंने मेरा मजाक बना दिया, बेइज्जती की। कहा कि अगर तुम कभी कुश्ती खेल सकोगे तो देश का कोई भी बच्चा कुश्ती में भाग ले सकेगा। मां को यकीन था कि इतनी खतरनाक बीमारी के बावजूद वे रेसलिंग कर सकते हैं। संग्राम की बॉडी की तंदरुस्ती के लिए मां दिन में कई बार मसाज करती थीं। ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में पहला मेडल जीता संग्राम बताते हैं- दिन बीतते गए। हर दिन के साथ मेरी बीमारी सही होती गई। मैंने दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद के लिए प्रयास किया, जिसमें सफल भी हुआ। इसके बाद ऑल इंडिया पुलिस गेम्स के अंडर होने वाले कुश्ती प्रतियोगिता में पहला मेडल जीता। समुराई फाइट हाउस, विश्वस्तरीय मंच Samurai Fight House दुनिया की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एमएमए लीग्स में से एक है, जो वैश्विक स्तर के एलीट फाइटर्स को मंच प्रदान करती है। टाइग्रे, ब्यूनस आयर्स में आयोजित एसएफएच 28 दक्षिण अमेरिका के उत्साही फाइट प्रशंसकों के लिए एक बड़ा खेल आयोजन साबित होगा। संग्राम सिंह का यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का अहम पड़ाव है, बल्कि भारतीय एमएमए के लिए भी वैश्विक पहचान का प्रतीक बन सकता है। अब सबकी निगाहें 5 अप्रैल 2026 पर टिकी हैं, जब भारत का “आयरन मैन” अर्जेंटीना की धरती पर इतिहास रचने उतरेगा।
    Click here to Read More
    Previous Article
    APT28-Linked Campaign Deploys BadPaw Loader and MeowMeow Backdoor in Ukraine
    Next Article
    Hormuz Crisis Triggers Fuel Shock In Pakistan: Govt Mulls Weekly Petrol Price Changes

    Related खेल Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment