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    हरिवंशराय बच्चन ने होली का गाना ‘रंग बरसे’ लिखा था:अमिताभ बच्चन ने गाया था, फिल्म ‘सिलसिला’ में रेखा के साथ फिल्माया गया

    2 days ago

    फिल्मों और होली का रिश्ता 94 सालों पुराना है। 1932 में पहली बार फिल्म गुलरू जरीना में होली थीम का ब्लैक एंड व्हाइट गाना ‘होरी मुझे खेलने को टेसू मंगा दे..’ दिखाया गया। हालांकि, इसे पॉपुलैरिटी नहीं मिली। इसके बाद महबूब खान ने फिल्म औरत (1940) में होली की खूबसूरती दिखाते हुए दो गाने डाले। रंगों वाली होली दिखी तो जरूर लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट एरा में रंग नहीं दिखे। पहली होली भले ही ब्लैक एंड व्हाइट थी, लेकिन जब रंगीन फिल्मों का दौर आया तब भी पर्दे पर रंगीन होली दिखाने का क्रेडिट भी महबूब खान की फिल्म आन (1952) को मिला। होली के गानों और सेलेब्स का होली मनाने का तरीका दोनों की कई कहानियां हैं। बॉलीवुड के शो-मैन कहे जाने वाले राज कपूर शानदार तरीके पैमाने पर होली मनाते थे। राज कपूर अपनी पार्टी में किन्नरों को बुलाते थे। उन्हें अपनी आने वाली फिल्म के गाने सुनाया करते थे। अगर किन्नरों को कोई गाना पसंद ना आए तो उसे फिल्म में नहीं रखते थे। अमिताभ बच्चन की होली पार्टी में मेहमानों के रंग से भरे पूल में फेंका जाता था। भांग पिलाई जाती थी और जमकर नाच-गाना होता था। एक समय जब अमिताभ का करियर कठिन दौर से गुजर रहा था तो एक होली गीत ने ही उन्हें फिल्म दिलाई थी। आज होली के खास मौके पर पढ़िए फिल्मों में दिखाई गई होली और स्टार्स के घर होली के जश्न से जुड़े कुछ खास किस्से- बड़े पर्दे की पहली होली तो दिखी, लेकिन रंग नहीं होली दिखाने वाली पहली फिल्म भले ही गुलरू जरीना है, लेकिन होली का ट्रेंड शुरू करने का क्रेडिट महबूब खान को दिया जाता है। डायरेक्टर महबूब खान ने 1940 की ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म औरत में होली के दो गाने थे। फिल्म में सुरेंद्र, सरदार अख्तर और याकूब अहम किरदारों में थे। पर्दे पर होली तो दिखाई गई, लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट होने पर रंग नहीं दिखे। जब रंगीन फिल्मों का दौर आया तो महबूब खान ने इसी फिल्म को दोबारा मदर इंडिया टाइटल के साथ बनाया। ये फिल्म 1958 को रिलीज हुई थी। भारत की पहली फिल्म जिसे ऑस्कर नॉमिनेशन तक मिला। फिल्म में होली पर फिल्माया गया गाना “होली आई रे कन्हाई” जबरदस्त हिट हुआ, जिसे शमशाद बेगम ने आवाज दी थी। उस जमाने में मदर इंडिया हिंदी सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म थी जो करीब 60 लाख रुपए में बनी थी। जिसने सबसे ज्यादा 8 करोड़ रुपए की कमाई भी की। किन्नरों के साथ होली खेलते थे राज कपूर राज कपूर अपनी हर होली पार्टी में किन्नरों को बुलाकर उनके साथ होली का जश्न मनाते थे। राज किन्नरों पर इतना भरोसा करते थे कि रंग- गुलाल लगाने के बाद वो उन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म के गाने बिना झिझक सुना देते थे। जब उनकी तरफ से हरी झंडी मिलती थी, तब ही फिल्म में वो गाना लिया जाता था। जब राज कपूर ने एक होली पार्टी में किन्नरों को अपनी अपकमिंग फिल्म राम तेरी गंगा मैली के गाने सुनाए तो एक गाना किन्नरों को पसंद नहीं आया। राज का उन पर ऐसा अटूट विश्वास था कि उन्होंने तुरंत कंपोजर रविंद्र जैन को बुलाकर इसे बदलने को कहा। इस गाने के रिप्लेसमेंट में ‘सुन साहिबा सुन’ गाना तैयार किया गया। जब फिर किन्नरों को ये गाना सुनाया गया तो जवाब मिला, ये गाना दशकों तक याद रखा जाएगा। हुआ भी ऐसा ही। सुन साहिबा सुन गाना चार्टबस्टर था, जो आज भी लोगों की जुबान पर है। कंपोजर रविंद्र जैन को इस फिल्म के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। राज कपूर की पार्टी में होता था देखने लायक जश्न 60 के दशक में हिंदी सिनेमा में राज कपूर पहले ऐसे सेलिब्रिटी थे, जिन्होंने होली सेलिब्रेशन के लिए आरके स्टूडियो में पार्टी रखना शुरू किया। इनकी पार्टी में दो बड़े कंटेनर में पानी भरकर उनमें हर तरह के रंग मिलाए जाते थे। पार्टी में शामिल होने वाले गेस्ट को सबसे पहले इन कंटेनर में डाला जाता था और रंगने के बाद ही वो अंदर पार्टी में शामिल होते थे। इस पार्टी में उस दौर के हर छोटे-बड़े कलाकार को बुलाया जाता था। कई लोग तो इसे भांग एंड फूड फेस्टिवल तक कहते थे। अमिताभ पर ही फिल्माए गए पिता के लिखे हुए दो होली सॉन्ग अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गए दो होली के सदाबहार गाने ‘रंग बरसे’ और ‘होरी खेलें’ उनके पिता कवि हरिवंशराय बच्चन ने लिखे थे। ये दोनों गाने फिल्माए जाने से काफी सालों पहले से ही अमिताभ अपने पिता से सुनते आए थे। 1981 की फिल्म सिलसिला में रंग बरसे गाना भी एक इत्तेफाक का नतीजा है। दरअसल, ये गाना मीरा पर बने एक भजन से प्रेरित है, जिसके लिरिक्स “रंग बरसे ओ मीरन, भवन में रंग बरसे” से प्रेरित हैं। पिता से बचपन से ये भजन सुनते आए अमिताभ खुद भी इस भजन को अक्सर गुनगुनाते रहते थे। राज कपूर की होली पार्टी में जब यश चोपड़ा ने इसे सुना तो उन्हें ये इतना पसंद आया कि इसे फिल्म में लेने का फैसला किया। ठीक ऐसा ही बागबान के गाने होरी खेले रघुबीरा के साथ हुआ। ये लोकगीत भी अक्सर हरिवंश राय बच्चन गुनगुनाते रहते थे, जो अमिताभ ने कई बार सुना था। जब बागबान फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर आदेश श्रीवास्तव ने अमिताभ से फिल्म के लिए एक होली के गाने का सुझाव मांगा तो उन्होंने यही गाना बताया। दोनों ने मिलकर इसे फाइनल किया और एक रात में इस गाने की रिकॉर्डिंग की। अमिताभ की होली पार्टी में मेहमानों को दी जाती थी भांग अमिताभ बच्चन भी अपने बंगले में होली की बड़ी पार्टी दिया करते थे। इनके बंगले में मेहमानों को भांग सर्व की जाती है। 2004 में बिग बी के बंगले जलसा में हुई पार्टी खूब सुर्खियों में रही थी, क्योंकि यहां शाहरुख खान और अमर सिंह के बीच की सालों से चली आ रही लड़ाई गले मिलकर खत्म हुई थी। किस्से अमिताभ बच्चन की होली पार्टी के- अमिताभ बच्चन की होली पार्टी ही वो वजह है जिसके डर से पॉपुलर फिल्ममेकर करण जौहर आज भी होली से घबराते हैं। दरअसल, 10 साल के करण जौहर अपने पिता हीरू जौहर के साथ बिग बी के घर होली पार्टी में गए थे। करण को बचपन से ही रंग लगवाने से नफरत थी। वो पार्टी में ये बात सबको बताने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही छोटे अभिषेक बच्चन ने दोस्तों के साथ शरारत करते हुए करण को रंग से भरे पूल में फेंक दिया। इससे करण इतने सहम गए कि उन्होंने जिंदगी में कभी होली नहीं खेली। बचपन में अर्जुन कपूर के साथ अभिषेक ने की थी मस्ती अर्जुन कपूर को हमेशा से ही रंग खेलने में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। एक कारण ये भी है कि अर्जुन को रंगों से एलर्जी है। एक बार बचपन में अर्जुन अमिताभ बच्चन की होली पार्टी में पहुंचे थे। इस पार्टी में अभिषेक बच्चन और किरण खेर के बेटे सिकंदर खेर ने उन्हें रंगों से भरे पूल में धक्का दे दिया था। इसके बाद से ही उन्होंने कभी होली नहीं खेली। खुशनुमा माहौल दिखाने के लिए सेट पर होती थी असली पार्टी डर फिल्म का गाना अंग से अंग लगाना शूट करना भी यश चोपड़ा के लिए चैलेंजिंग था। शूटिंग लोनावला में हुई, जिसे साउथ के पॉपुलर कोरियोग्राफर तरुण कुमार ने कोरियोग्राफ किया था। जब यश चोपड़ा ने डांस रिहर्सल देखी तो उन्होंने कोरियोग्राफर से कहा कि स्टेप्स काफी सीरियस हैं। यश के कहने पर स्टेप्स बदल दिए गए। गाने की शूटिंग देखने के लिए हनी ईरानी, डिंपल कपाड़िया, यश चोपड़ा की पत्नी पामेला और जूही चावला के कुछ रिश्तेदार भी लोनावला पहुंच गए। सेट पर मस्ती भरा माहौल रखने के लिए सब वर्ड पजल खेलते थे और यश सभी लोगों के लिए मजेदार खाना बनवाते थे, जिससे असल में सेट पर पार्टी का माहौल दिखे। डू मी अ फेवर गाने की शूटिंग के दौरान लोगों ने देखा चमत्कार फिल्म वक्त का गाना डू मी अ फेवर अपनी तरह का एक शानदार गाना है। होली थीम पर बना ये गाना खूब बजाया गया और पसंद भी किया गया। इस गाने की शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद लोगों ने चमत्कार देखा। दरअसल विपुल शाह चाहते थे कि उन्हें रंग बरसे गाने की टक्कर का कोई गाना मिले। म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक से चर्चा की तो 3 महीने में उन्होंने डू मी अ फेवर गाना तैयार कर विपुल को सुनाया। अनु ने इतने बेहतरीन ढंग से डू मी अ फेवर लेट्स प्ले होली कहा कि विपुल ने उन्हें ही गाने को आवाज देने के लिए इंसिस्ट किया। शूटिंग के दौरान विपुल शाह चाहते थे कि बदली में गाना फिल्माया जाय, लेकिन बारिश ना हो। गाने के लिए सेट तैयार करवाया गया था, जिसमें एक विशाल तालाब भी बनवाया गया था। गाने की शूटिंग शुरू हुई तो बदली छा गई और जब तक शूटिंग चलती रही बदली कायम रही, जो अमूमन होता नहीं है। जैसे ही गाने की शूटिंग पूरी हुई और डायरेक्टर ने पैक-अप कहा वैसे ही तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरा सेट तबाह हो गया। बलम पिचकारी गाने की शूटिंग के समय हुआ दीपिका के साथ प्रैंक नए जमाने में बलम पिचकारी होली थीम का सबसे पसंदीदा गाना माना जाता है। इस गाने की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर अयान मुखर्जी और रणबीर कपूर ने दीपिका के साथ प्रैंक किया था। सेट पर एक रंग से भरा पूल तैयार किया गया था, जिसके बारे में सिर्फ अयान और रणबीर को ही पता था। जैसे ही दीपिका और कल्कि सेट पर तैयार होकर पहुंचे तो दोनों ने उन्हें उठाकर पूल में फेंक दिया। इस समय कैमरा रोलिंग में था। इस प्रैंक से आए रियल एक्सप्रेशन ही गाने में लिए गए थे। आखिर में होली सेलिब्रेशन की ये पुरानी तस्वीरें भी देखें-
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