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    हिमाचल की RDG का मुद्दा लोकसभा में उठाएगी कांग्रेस हाईकमान:राहुल गांधी- खड़गे ने भरोसा दिया; फ्री ट्रेड डील के खतरे पर भी लंबी चर्चा

    19 hours ago

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य के कैबिनेट मंत्रियों की आज (शुक्रवार को) दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में विभिन्न मसलों पर चर्चा की गई। खासकर रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने को लेकर लंबी चर्चा के बाद हाईकमान ने इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दिया। हिमाचल सरकार अपने स्तर पर भी RDG की बहाली की लड़ाई जारी रखेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इसे बहाल करने की मांग करेगी। इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान भी इस मुद्दे को लोकसभा में उठाकर पहाड़ी राज्य हिमाचल के हक की पैरवी करेगा, क्योंकि RDG के बिना राज्य को आर्थिक मोर्चे पर परेशानियां बढ़ने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान कानूनी पहलुओं पर भी मंथन किया गया, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 275 में RDG का प्रावधान है। इसके बंद होने से हिमाचल को आगामी पांच वर्षों में 40 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो सकता है। राज्य के कुल बजट में RDG की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत है। इस वजह से RDG का बंद होना हिमाचल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विदेशी सेब के खतरे को लेकर मंथन हाईकमान के साथ हुई बैठक में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। हिमाचल के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने बताया कि FTA से हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग प्रभावित हो सकता है। अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ से थोक में सेब आयात होने की आशंका है। इससे देश में उत्पादित सेब को अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे। केंद्र सरकार ने अमेरिका और न्यूजीलैंड के लिए आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत, जबकि यूरोपीय संघ के लिए 20 प्रतिशत कर दिया है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को भी लोकसभा में उठाने का भरोसा दिया। इस दौरान मनरेगा योजना को लेकर भी चर्चा हुई। राहुल गांधी ने मनरेगा को कमजोर किए जाने के मुद्दे पर प्रदेश में आंदोलन तेज करने के निर्देश दिए। राज्यसभा चुनाव पर मंथन राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने के.सी. वेणुगोपाल और रजनी पाटिल से चर्चा की। अंतिम निर्णय हाईकमान को ही लेना है। फिलहाल पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के नाम चर्चा में हैं। हाल के दिनों में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का नाम भी सामने आया है। हालांकि रजनी पाटिल के नाम पर प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश नेता सहमत नहीं बताए जा रहे हैं। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में गैर-हिमाचली प्रत्याशी बनाए जाने के कारण, बहुमत के बावजूद सत्तारूढ़ कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और सरकार पर भी संकट गहरा गया था। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस के कई नेता इस बार किसी बाहरी चेहरे के बजाय हिमाचल के ही नेता को राज्यसभा भेजने के पक्ष में हैं। ये नेता मौजूद रहे नई दिल्ली में यह मीटिंग दोपहर बाद सवा 5 बजे शुरू हुई और एक घंटे तक चली। इसमें खड़गे और राहुल गांधी के अलावा हिमाचल कैबिनेट के सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सहित अन्य नेता मौजूद रहे। प्रदेश के मंत्रियों में रोहित ठाकुर को छोड़कर अन्य सभी उपस्थित रहे, क्योंकि रोहित ठाकुर का अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव में कार्यक्रम पहले से निर्धारित था।
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