Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    हिमाचल IAS-IPS के PWD मंत्री के बयान पर भड़के:विक्रमादित्य के साथ ड्यूटी देने से इनकार, गैर हिमाचली अफसर को लेकर दिए बयान की निंदा

    1 day ago

    हिमाचल प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी बनाम PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह हो गया है। राज्य की IAS और IPS ऑफिसर एसोसिएशन मंत्री विक्रमादित्य सिंह के UP-बिहार के अफसरों के शासक बनने वाले बयान पर भड़क उठी है। दोनों एसोसिएशन ने मंत्री के बयान की निंदा की। IPS एसोसिएशन ने सरकार से मांग की मंत्री के साथ किसी भी आईपीएस अधिकारी की ड्यूटी न लगाई जाए। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मंत्री का बयान कृत्रिम और अवांछनीय है। यह हिमाचली और गैर हिमाचली में विभाजन पैदा करने वाला है, जो प्रशासनिक दृष्टि से नुकसानदेह है। एसोसिएशन के मुताबिक IPS एक संवैधानिक ऑल इंडिया सर्विस है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना और पूरे देश में निष्पक्ष, पेशेवर व एकीकृत प्रशासन उपलब्ध कराना है। आईपीएस अधिकारियों की पहचान उनके राज्य या जन्मभूमि से नहीं, बल्कि संविधान और कानून के प्रति उनकी निष्ठा से होती है। मीटिंग में पास प्रस्ताव में कहा गया कि हिमाचल में कार्यरत सभी आईपीएस अधिकारी, चाहे वे किसी भी राज्य या कैडर से हों, प्रदेश की जनता की पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं। किसी अधिकारी की नीयत, प्रतिबद्धता या वैधता पर उसके क्षेत्र या कैडर के आधार पर सवाल उठाना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला और विभाजनकारी है। आईपीएस एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के बयान पुलिस सेवा का मनोबल गिरा सकते हैं, हिमाचल पुलिस तंत्र के भीतर अविश्वास पैदा कर सकते हैं, संस्थागत एकता को कमजोर कर सकते हैं, और सुशासन व जनसेवा पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। मंत्री के बयान की निंदा एसोसिएशन ने कहा- वह किसी भी प्रकार की क्षेत्रीय या संकीर्ण सोच पर आधारित बयानबाजी की कड़ी निंदा करता है। साथ ही दोहराया कि आईपीएस एक एकजुट, पेशेवर और राजनीतिक रूप से निष्पक्ष सेवा है, जो केवल संविधान और हिमाचल प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है। सरकार से तीन अहम मांगें मीटिंग में पारित प्रस्ताव में आईपीएस एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ किसी भी आईपीएस अधिकारी की पोस्टिंग न की जाए, भविष्य में इस तरह के बयान दोबारा न हों, यह सुनिश्चित किया जाए, सिविल सेवाओं की गरिमा, एकता और निष्पक्षता को हर हाल में बनाए रखा जाए। इस खबर को हम अपडेट कर रहे हैं..
    Click here to Read More
    Previous Article
    Mahabharat Samagam: पहली बार इमर्सिव डोम थिएटर से युद्ध के खिलाफ शांति का संदेश; भोपाल में महाभारत समागम
    Next Article
    XRP & Ethereum Turn Bullish But Experts Say Only Zero Knowledge Proof Could Net 5000x Returns

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment