Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    हिमाचल बजट आज: 75 हजार अस्थायी कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा:20 हजार नौकरियां-किसान आयोग की घोषणा संभव, हेल्थ, एजुकेशन व टूरिज्म पर फोकस

    3 days ago

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज (शनिवार को) सुबह 11 बजे अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। सीएम सुक्खू से हर वर्ग को बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। मगर केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने की वजह से बजट के लोक-लुभावन होने के कम आसार हैं। राज्य की कम इनकम, बढ़ता कर्ज व सीमित लोन लिमिट के बीच सरकार को विकास और वित्तीय अनुशासन में संतुलन साधना होगा। लिहाजा सीएम सुक्खू खर्चे कम करने और इनकम बढ़ाने के लिए कई कड़े फैसले ले सकते हैं। शराब के दाम में बढ़ौतरी, पेट्रोल-डीजल पर सेस, एंट्री टैक्स में इजाफा जैसे ऐलान बजट में हो सकते हैं। केंद्र ने RDG बंद करके राज्य को सालाना 10 हजार करोड़ का झटका दिया है। बावजूद इसके बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सोशल सिक्योरिटी सेक्टर, ग्रीन एनर्जी और रोजगार पर फोकस रहेगा। बजट में इनकम जनरेशन के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते है। सीएम सुक्खू विभिन्न विभागों में 20 हजार से ज्यादा पदों पर नौकरियों, अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद, सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने, 10 से ज्यादा डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की भी घोषणा कर सकते हैं। 75 हजार अस्थायी कर्मियों का बढ़ सकता है मानदेय सीएम सुक्खू आज आउटसोर्स कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी, मल्टी टास्क वर्कर, पार्ट-टाइम वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, अंशकालीन जलवाहक, आंगनबाड़ी वर्कर, आंगनबाड़ी सहायिका, गेस्ट टीचर, एसएमसी टीचर, आशा वर्कर, पंचायत चौकीदार इत्यादि के मानदेय में 300 से 800 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा कर सकते हैं। राज्य के सरकारी विभागों में सेवारत इन अस्थायी कर्मचारियों की संख्या लगभग 75 हजार है। "किसान आयोग" की घोषणा कर सकते हैं सुक्खू राज्य के किसानों-बागवानों के लिए सीएम सुक्खू इस बजट में "किसान आयोग" की घोषणा कर सकते हैं। प्राकृतिक विधि से तैयार फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने, सरकारी उपक्रम मिल्कफेड के जरिए खरीदे जाने वाले दूध के दाम में बढ़ोतरी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए हेलीपोर्ट की घोषणा हो सकती है। कर्मचारी-पेंशनर को बड़ी उम्मीद राज्य के सरकारी कर्मचारी-पेंशनरों का सरकार के पास लगभग 9500 करोड़ रुपये का वेतनमान और डीए एरियर बकाया है। ऐसे में सवा दो लाख कर्मचारी और सवा एक लाख पेंशनर की नजरें सीएम सुक्खू के पिटारे पर रहेंगी, क्योंकि इनका जनवरी 2016 से दिए गए नए वेतनमान का एरियर बकाया है। राज्य की माली वित्तीय हालत के कारण एरियर मिलने के आसार कम हैं। हालांकि, 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों के एकमुश्त एरियर भुगतान को लेकर आज के बजट में कुछ ऐलान संभव है। 80.18 करोड़ से 98 हजार करोड़ का पहुंचा बजट संसद में दिसंबर 1970 को हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम पास हुआ। इसके अनुसार 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश देश का 18वां राज्य बना। हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद वित्त वर्ष 1971-72 में 80.18 करोड़ रुपये का पहला बजट पेश किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में 40 हजार 461 करोड़ के सप्लीमेंट्री बजट पास होने के बाद बजट का आकार बढ़कर 98 हजार 975 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, हिमाचल सीएम ने बीते साल 2025-26 के लिए 58 हजार 514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। तीन दिन पहले पारित सप्लीमेंट्री बजट छोड़ दें तो 2026-27 के बजट का आकार लगभग 60 हजार करोड़ हो सकता है। वित्तीय दबाव में हिमाचल की अर्थव्यवस्था प्रदेश की अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर वित्तीय दबाव से गुजर रही है। हिमाचल पर कर्ज का बोझ लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। इस बीच केंद्र ने लगभग 10 हजार करोड़ सालाना की RDG बंद की है। जून 2022 में 3000 करोड़ का GST कम्पेन्सेशन पहले ही बंद कर दिया गया है। इसके बाद 2023 में राज्य की लोन लेने की सीमा GDP की 5 फीसदी से घटाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है।
    Click here to Read More
    Previous Article
    अक्षय कुमार ने चक नॉरिस के निधन पर जताया दुख:बोले- मार्शल आर्ट ट्रेनिंग के दौरान देखीं फिल्में, हर सीन से मिली सीख और प्रेरणा
    Next Article
    Tamil Nadu assembly polls: Ramadoss-led PMK faction allies with Sasikala, eyes contest in all 234 seats

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment