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    एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी:घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1,300 फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा

    9 hours ago

    एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर 'फ्यूल सरचार्ज' लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है। अकासा एयर के कहा कि अगर आपने 15 मार्च रात 12:01 बजे से पहले टिकट बुक कर लिया है, तो आपको अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा। यह सरचार्ज 'पर सेक्टर' यानी एक तरफ की यात्रा के हिसाब से लगेगा और इसकी राशि फ्लाइट की दूरी (फ्लाइट ड्यूरेशन) पर निर्भर करेगी। इंडिगो-एअर इंडिया भी बढ़ा चुकी हैं किराया इंडिगो: फ्यूल की बढ़ती कीमतों के बोझ को कम करने के लिए देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शुक्रवार को सरचार्ज बढ़ा दिया था। एयरलाइन ने घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स की टिकटों पर ₹425 से ₹2300 तक सरचार्ज लगाया। कंपनी ने एक्सट्रा फ्यूल चार्ज के साथ टिकटों की नई कीमतें 14 मार्च रात 12 बजे से लागू कर दी थीं। एअर इंडिया: एअर इंडिया 12 मार्च से घरेलू फ्लाइट टिकटों पर 399 रुपए का फ्यूल सरचार्ज लगा रही है। वहीं एयरलाइन ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। जेट फ्यूल के दाम लगातार बढ़ने से दुनियाभर की प्रमुख एयरलाइंस ने भी टिकटों के दाम बढ़ाए हैं। कई कंपनियां अपने विमानों को ग्राउंडेड करने का प्लान भी बना रही हैं। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? जेट फ्यूल की कीमतें 2 गुना हुईं 28 फरवरी को शुरू हुई ईरान-इजराइल जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के बाद से तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत आज 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। हाल ही में इसकी कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। वहीं कई देशों में जेट फ्यूल की कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से दोगुनी हो चुकी हैं। जंग से पहले जेट फ्यूल की कीमतें लगभग 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है। वहीं मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण दुनियाभर में अब तक 40,000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल भी हुई हैं। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे। सुरक्षा के कारण रास्ता लंबा होने से भी खर्च बढ़ा युद्ध की स्थिति के कारण कई एयरलाइंस ने पश्चिम एशिया और उसके आसपास के एयरस्पेस का इस्तेमाल बंद कर दिया है। सुरक्षा कारणों से विमानों को अब घूमकर जाना पड़ रहा है। लंबे रूट का मतलब है ज्यादा फ्यूल की खपत और ऑपरेशनल कॉस्ट ज्यादा होना। स्पाइसजेट ने सरकार से राहत मांगी स्पाइसजेट के फाउंडर अजय सिंह ने कहा कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची रहीं, तो एयरलाइंस के पास सरचार्ज लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जेट फ्यूल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में कटौती की जाए। उनके मुताबिक, तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना इंडस्ट्री के लिए खतरनाक है। दुनियाभर में इन एयरलाइंस ने भी किराया बढ़ाया एयर न्यूजीलैंड: एयर न्यूजीलैंड ने मंगलवार को अपने टिकटों के दाम में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने घरेलू उड़ानों के लिए एक तरफ का किराया 10 न्यूजीलैंड डॉलर बढ़ा दिया है। वहीं शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए 20 डॉलर और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए 90 डॉलर की बढ़ोतरी की गई है। कंपनी ने 2026 के लिए अपना कमाई का अनुमान भी वापस ले लिया है, क्योंकि मार्केट में भारी अस्थिरता है। हांगकांग एयरलाइंस: हांगकांग एयरलाइंस गुरुवार से फ्यूल सरचार्ज में 35.2% तक की बढ़ोतरी करने जा रही है। मालदीव, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों के लिए यह सरचार्ज 284 हांगकांग डॉलर से बढ़ाकर 384 हांगकांग डॉलर कर दिया गया है। वहीं कैथे पैसिफिक ने मार्च में लंदन और ज्यूरिख के लिए एक्स्ट्रा फ्लाइट्स शुरू की हैं ताकि प्रभावित रूट्स के यात्रियों को ऑप्शन मिल सके। कंपनी फिलहाल हर महीने फ्यूल सरचार्ज का रिव्यू कर रही है। क्वांटास और SAS: ऑस्ट्रेलिया की फ्लैग कैरियर क्वांटास एयरवेज ने अपने इंटरनेशनल रूट्स पर किराया बढ़ा दिया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स 90% से ज्यादा फुल चल रही हैं, इसलिए वे आने वाले महीनों में कैपेसिटी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। नॉर्डिक देशों यानी उत्तरी यूरोप की प्रमुख एयरलाइन SAS (स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस) ने भी बढ़ती लागत को देखते हुए अस्थायी प्राइस एडजस्टमेंट लागू किया है। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया के बाद इंडिगो की भी टिकटें महंगी: घरेलू उड़ानों पर ₹425 और इंटरनेशनल पर ₹2300 तक एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा एअर इंडिया के बाद इंडिगो की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ने शुक्रवार को सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर 'फ्यूल सरचार्ज' लगाने की घोषणा की है। एयरलाइन ने बताया कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल की कीमतें 85% तक बढ़ गई हैं। इस कारण घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स की टिकटों पर ₹425 से ₹2300 तक सरचार्ज लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
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