Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    DMK सांसद बोले-उत्तर भारत में लड़कियों को घर रखा जाता:तमिलनाडु में शिक्षा पर जोर, BJP नेता बोले- मारन में कॉमन सेंस नहीं

    1 day ago

    DMK सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने उत्तर भारतीय महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय राज्यों में लड़कियों को पढ़ाई और नौकरी के बजाय घर पर रहने और घरेलू काम करने के लिए कहा जाता है। दयानिधि मारन ने ये बात मंगलवार को चेन्नई के क्वाड-ए-मिल्लत गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। मारन ने कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाता है। हमारे छात्राओं को गर्व होना चाहिए। कई उत्तर भारत में लड़कियों से कहा जाता है कि वे नौकरी के लिए न जाएं, किचन के काम करें, लेकिन यहां हम चाहते हैं कि हमारी लड़कियां पढ़ें। 900 स्टूडेंट्स को लैपटॉप बांटे दयानिधि मारन के साथ इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम और एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद थे। उन्होंने ‘उलगम उंगल कैयिल‘ स्कीम के तहत 900 स्टूडेंट्स को लैपटॉप बांटे। स्टालिन ने कहा कि एक बार लड़कियां पढ़ाई पूरी कर लें तो समाज में उनका योगदान बहुत अहम होता है। हमें अपनी छात्राओं पर गर्व है। स्टालिन ने बताया कि राज्य सरकार ने इस पहल के लिए कॉलेज को 2.5 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इस साल तमिलनाडु के कुल 10 लाख छात्रों को लैपटॉप देने का लक्ष्य है। BJP नेता बोले- कॉमन सेंस नहीं है BJP नेता थिरुपथी नारायणन ने मारन के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें कॉमन सेंस नहीं है। हिंदी भाषी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। तिरुपति नारायण ने कहा- मुझे नहीं लगता कि दयानिधि मारन में कोई कॉमन सेंस है। मैं उनके बयानों की कड़ी निंदा करता हूं। उन्हें भारत के लोगों से, खासकर हिंगी बोलने वालों से माफी मांगनी चाहिए। DMK नेताओं ने किया बचाव DMK नेता टीकेएस एलंगोवन ने मारन का बचाव करते हुए कहा कि उत्तर भारत में महिलाओं के लिए कोई नहीं लड़ता। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। तमिलनाडु में हमने महिलाओं को शिक्षा और रोजगार दिया है। सरकारी नौकरियों में सीटें भी रिजर्व की। हम शुरु से ही महिलाओं के अधिकारों के लिए काम कर रहे है। तमिलनाडु में 73% साक्षरता दर 2011 की जनगणना के आंकड़े के मुताबिक, तमिलनाडु में महिला साक्षरता दर लगभग 73.44 प्रतिशत है। यह सात साल या उससे अधिक उम्र की आबादी से जुड़े आंकड़े हैं। यह अधिकांश उत्तर भारत के राज्यों की तुलना में अधिक है। उत्तर प्रदेश में महिला साक्षरता दर 57.18%, हरियाणा में 65.94%, राजस्थान में 52.12% और हिमाचल प्रदेश में 75.93% है। -----------
    Click here to Read More
    Previous Article
    Rahu Ketu certification: CBFC cuts 'Kantara Scream'
    Next Article
    IND vs NZ दूसरा वनडे- भारत का पहला विकेट गिरा:रोहित शर्मा 24 रन बनाकर आउट, फिफ्टी पार्टनरशिप ब्रेक; कोहली-गिल नाबाद

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment