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    ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू गिरफ्तार:12 घंटे बाद घर जाने दिया; एपस्टीन मामले में नाम, 17 साल की लड़की से रेप का आरोप

    1 day ago

    अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के 2 महीने बाद दुनिया में पहली गिरफ्तारी हुई। ब्रिटिश पुलिस ने गुरुवार सुबह किंग चाल्र्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया। करीब 12 घंटे की गिरफ्तारी के बाद भारतीय समयानुसार रात 1:15 बजे पुलिस ने एंड्रयू को उनके घर जाने दिया। हालांकि इस मामले की जांच अभी जारी रहेगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में राज परिवार को पूर्व सूचना नहीं दी थी। दोषी साबित होने पर एंड्रयू को उम्रकैद हो सकती है। 66 साल के एंड्रयू का गुरुवार को जन्मदिन भी था। उन पर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग का आरोप है। दरअसल, एपस्टीन मामले में पीड़िता रही वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। हालांकि, एंड्रयू ने ग्रिफे के सभी आरोपों को खारिज किया था। गिफ्रे की अप्रैल 2025 में मौत हो गई थी। इसकी वजह आत्महत्या बताई गई थी। पुलिस एंड्रयू को 96 घंटे हिरासत में रख सकती थी एंड्रयू को पुलिस ज्यादा से ज्यादा 96 घंटे तक हिरासत में रख सकती थी, लेकिन इसके लिए सीनियर पुलिस अधिकारियों और अदालत से इजाजत लेनी पड़ती। आम तौर पर ऐसा कम ही होता है। ज्यादातर मामलों में किसी भी संदिग्ध को 12 या 24 घंटे तक रखा जाता है। उसके बाद या तो उस पर केस दर्ज कर दिया जाता है या फिर आगे की जांच तक छोड़ दिया जाता है। अगर एंड्रयू को थाने ले जाया जाता है, तो उन्हें लॉकअप में रखा जा सकता है और वहीं वे पूछताछ का इंतजार करेंगे। पुलिस उनके कंप्यूटर, फाइलें और फोटो देख सकती है। साथ ही, वे उन घरों या जगहों की भी तलाशी ले सकते हैं जहां वे रहते हैं, जिनके मालिक हैं या जिन पर उनका नियंत्रण है। एंड्रयू को उम्रकैद की सजा हो सकती है इंग्लैंड में सार्वजनिक पद पर रहने हुए कदाचार गंभीर अपराध माना जाता है। इस अपराध में यह साबित होना जरूरी है कि व्यक्ति को पता था कि वह गलत कर रहा है, फिर भी उसने ऐसा किया। इस अपराध में अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है। इस मामले की सुनवाई सिर्फ गंभीर आपराधिक आरोप के तहत अदालत में की जा सकती है। माना जा रहा है कि यह मामला उस समय से जुड़ा है जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) थे। वह 2001 में इस पद पर नियुक्त हुए थे, लेकिन 10 साल बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उस समय उनका नाम अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर विवादों में आया था। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी दस्तावेजों में बताया गया था कि पद पर रहते हुए एंड्रयू का एपस्टीन से संपर्क था। एंड्रयू से जुड़ी 5 विवादित तस्वीरें… किंग चार्ल्स बोले- कानून अपना काम करेगा किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई एंड्रयू की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कानून को अपना काम करने दिया जाएगा। अब आगे इस मामले की पूरी, निष्पक्ष और सही तरीके से जांच की जाएगी और यह काम संबंधित अधिकारी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच चल रही है, इस मामले पर आगे टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। वहीं एंड्रयू गिरफ्तारी की घोषणा से पहले जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से सवाल किया गया, तो उन्होंने बीबीसी से कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, जिसके पास भी कोई जानकारी है, उसे गवाही देनी चाहिए। एंड्रयू से शाही खिताब छीन लिए गए थे किंग चार्ल्स ने पिछले साल अक्टूबर में अपने छोटे भाई एंड्रयू से ‘प्रिंस’ का खिताब और सभी शाही उपाधियां वापस ले ली थीं। उन्हें विंडसर स्थित उनके आलीशान घर ‘रॉयल लॉज’ को भी खाली करने का आदेश दिया गया। 65 साल के एंड्रयू दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। एंड्रयू का नाम लंबे समय से अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा रहा है। एंड्रयू को ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ का खिताब इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था। शाही उपाधियां छिन जाने के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाता है। वर्जिनिया गिफ्रे के खुलासे के बाद फंसे थे एंड्रयू वर्जिनिया गिफ्रे ने साल 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। उसने अपने साथ हुए यौन शोषण और तस्करी का खुलासा किया था। उसने कहा था कि जब वह सिर्फ 15 साल की थी, तभी एपस्टीन के नेटवर्क में फंस गई थीं। उसे कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इसी इंटरव्यू में वर्जिनिया ने ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया था। वर्जिनिया कई साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रही थीं और यौन उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं की वकील बन गई थीं। पिछले साल 21 अक्टूबर को वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण 'नो बॉडीज गर्ल' पब्लिश हुई थी। इसमें ग्रिफे ने अपने साथ हुई यौन उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र किया है। इस किताब को वर्जिनिया ने अपनी मौत से पहले ही पूरा कर लिया था। वर्जिनिया की किताब में एंड्रयू से जुड़े 6 बड़े दावे 2021 में प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ केस दायर एंड्रयू ब्रिटिश नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने अस्सी के दशक में अर्जेंटीना के साथ हुई जंग में अपनी सेवाएं दी थीं। लेकिन वर्जिनिया के साथ नाम आने के बाद उनकी बहुत बदनामी हुई। 2019 में उन्होंने सभी रॉयल ड्यूटी छोड़ दी थी। इसके बाद वर्जिनिया ने साल 2021 में ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया था। बाद में एंड्रयू और वर्जिनिया ने मिलकर करीब 12 मिलियन पाउंड (लगभग 125 करोड़ रुपए) में विवाद सुलझा लिया था। हालांकि एंड्रयू ने कोई गलती मानने से इनकार किया था। राजा की रेस में 8वें नंबर पर एंड्रयू ब्रिटेन के शाही परिवार में उत्तराधिकार का क्रम यानी ‘लाइन फॉर थ्रोन’ तय करता है कि राजा या रानी के बाद अगला शासक कौन बनेगा। भले ही हाल ही में किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से उनकी उपाधि और बाकी सारे शाही सम्मान छीन लिए हों, लेकिन एंड्रयू अब भी सिंहासन की दौड़ में आठवें स्थान पर हैं। ---------------------------------------- प्रिंस एंड्रयू से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 1. ब्रिटिश प्रिंस ने एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजी:बेटी ने पिता से रिश्ता तोड़ा; सर्वाइवर बोली- शाही महल में यौन संबंध के लिए मजबूर किया गया ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है, जिसे जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को जारी किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… 2. ब्रिटिश किंग के छोटे भाई ने शाही उपाधियां छोड़ी:एप्सटीन सेक्स स्कैंडल में नाम आया था, चीनी जासूस से रिश्तों पर भी विवाद ब्रिटिश किंग चार्ल्स III के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू ने अपनी सभी रॉयल उपाधियां छोड़ने का ऐलान किया है। एंड्रयू ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि वे अब 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' जैसे टाइटल का इस्तेमाल नहीं करेंगे। प्रिंस एंड्रयू का नाम यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन के केस में सामने आ चुका है। इसके अलावा पैसों की गड़बड़ी और एक कथित चीनी जासूस से रिश्तों को लेकर भी सवाल उठे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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