Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    बनभूलपुरा के लोग बोले- पहली बार ईद फीकी:घर छिनने के डर के बीच रौनक गायब; त्योहार और सन्नाटा साथ-साथ

    9 hours ago

    रमजान के आखिरी दिनों में जहां आमतौर पर खुशियों की तैयारी होती है, वहीं बनभूलपुरा के लोग कह रहे हैं, इस बार हमारी ईद फीकी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे भूमि खाली कराने की कार्रवाई की तैयारी ने करीब 27 हजार लोगों के सिर से छत छिनने का डर पैदा कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने जब ग्राउंड जीरो पर हालात जानने की कोशिश की तो बनभूलपुरा की तंग गलियों में दो अलग-अलग तस्वीरें दिखीं। एक ओर रमजान की तैयारियां चल रही हैं, घर-घर सेवइयां बन रही हैं, बाजारों में खरीदारी हो रही है और बच्चे ईद को लेकर उत्साहित हैं। वहीं, दूसरी ओर, इन्हीं गलियों में डर, अनिश्चितता, बेचैनी और सन्नाटे का माहौल भी साफ महसूस हो रहा है। जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण 20 मार्च से इलाके में कैंप लगाकर कार्रवाई शुरू करने की तैयारी में हैं। प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विस्थापन की बात कही जा रही है, लेकिन लोगों को इस पर भरोसे से ज्यादा डर महसूस हो रहा है। ‘ईद के बाद घर रहेगा या नहीं, पता नहीं’ स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार की तैयारी तो हर साल की तरह हो रही है, लेकिन मन में डर बैठा हुआ है। एक निवासी ने कहा- ईद की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन दिल में डर है कि उसके बाद घर रहेगा भी या नहीं। कई परिवारों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और पूरा जीवन इसी इलाके से जुड़ा है। ऐसे में सिर्फ मकान नहीं, पूरी जिंदगी उजड़ने का खतरा है। इस बार क्यों अलग है ईद का माहौल इस साल ईद-उल-फितर 30 या 31 मार्च को चांद दिखने के अनुसार मनाई जाएगी। आमतौर पर यह खुशी और मेल-मिलाप का त्योहार होता है, लेकिन बनभूलपुरा में इस बार लोग ‘खुशी से ज्यादा चिंता’ के साथ ईद की तैयारी कर रहे हैं। कागजों में योजना, जमीन पर सवाल प्रशासन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास की बात कर रहा है, लेकिन लोगों के मन में कई सवाल बने हुए हैं। नया घर कब मिलेगा, कहां मिलेगा और तब तक लोग कहां रहेंगे, यह सबसे बड़ा सवाल है। वहीं, छोटे दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए रोज़गार खत्म होने का भी डर सता रहा है, जिससे चिंता और अनिश्चितता का माहौल और बढ़ गया है। नींद उड़ी, भविष्य धुंधला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। रातों की नींद गायब हो गई है, दिनभर चिंता बनी रहती है और बच्चों के भविष्य को लेकर डर सता रहा है। एक बुजुर्ग ने कहा, ईद तो हर साल आती है, लेकिन ऐसा पहली बार है जब खुश होने की हिम्मत नहीं हो रही। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें : बनभूलपुरा जमीन विवाद-SC के आदेश की कॉपी जारी: 50 हजार लोगों के पुनर्वास पर अदालत सख्त, 28 अप्रैल को अगली सुनवाई हल्द्वानी के बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सुनवाई के 4 दिन बाद की कॉपी जारी कर दी गई है। कोर्ट ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवेदन करने का अवसर दिया जाए और इसके लिए पुनर्वास शिविर आयोजित किए जाएं। (पढ़ें पूरी खबर)
    Click here to Read More
    Previous Article
    ‘डर नहीं, वीरता की कहानी सुनाना चाहती हूं’:होर्मुज में फंसे रुड़की के कैप्टन की पत्नी बोलीं- बच्चों की तरह क्रू संभाल रहे, हमें उन पर गर्व
    Next Article
    Capricorn Horoscope Today, March 20, 2026: Finish top-priority work first

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment