Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    बॉलीवुड से लेकर OTT तक, उत्तराखंड बना शूटिंग डेस्टिनेशन:दो महीने में 24 प्रोजेक्ट्स मंजूर; सब्सिडी-आसान क्लियरेंस से आई तेजी

    8 hours ago

    बॉलीवुड से लेकर OTT तक, उत्तराखंड तेजी से पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। नई फिल्म नीति 2024, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और करोड़ों की सब्सिडी ने फिल्म इंडस्ट्री को राज्य की ओर आकर्षित किया है। यही वजह है कि जनवरी-फरवरी के सिर्फ दो महीनों में ही 24 फिल्मों, वेब सीरीज, म्यूजिक वीडियो और विज्ञापन प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी दी गई है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (यूएफडीसी) के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 169 शूटिंग परमिशन जारी की जा चुकी हैं। यह संकेत है कि राज्य अब लगातार मांग वाला फिल्मिंग हब बन चुका है, जहां बॉलीवुड, OTT और क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें देहरादून सबसे प्रमुख शूटिंग सेंटर बनकर उभरा है, जबकि नैनीताल, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी भी फिल्ममेकर्स की पसंद बने हैं। अब 3 प्वाइंट्स में जानिए उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के प्रावधान… 1. सब्सिडी और आर्थिक प्रोत्साहन नई नीति के तहत क्षेत्रीय फीचर फिल्मों को राज्य में हुए व्यय का 50% या अधिकतम ₹2 करोड़, हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों को 30% या अधिकतम ₹3 करोड़ और विदेशी फिल्मों को 30% या ₹3 करोड़ तक की सहायता का प्रावधान है। OTT, वेब सीरीज, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों के लिए अलग प्रोत्साहन रखा गया है, जबकि बाल फिल्मों को अतिरिक्त 10% अनुदान मिलेगा। 2. स्थानीय कलाकारों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा स्थानीय कलाकारों को मुख्य भूमिका देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही पोस्ट-प्रोडक्शन स्टूडियो, सिनेमा हॉल और फिल्म प्रशिक्षण संस्थानों को विशेष सहायता का प्रावधान है, जिससे राज्य में फिल्म निर्माण की पूरी श्रृंखला विकसित हो सके। 3. शूटिंग को बढ़ावा, क्षेत्रीय सिनेमा को मजबूती वर्ष 2025 में 20 से अधिक गढ़वाली और कुमाऊंनी फिल्मों को शूटिंग अनुमति दी गई। देहरादून के साथ नैनीताल, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा में भी शूटिंग गतिविधियां बढ़ी हैं। आसान प्रक्रिया और बढ़ी सब्सिडी से स्थानीय फिल्मकारों में उत्साह है और क्षेत्रीय भाषा-संस्कृति को बड़े पर्दे पर नई पहचान मिल रही है। क्यों बढ़ रहा उत्तराखंड में शूटिंग का आकर्षण उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे सिंगल विंडो क्लियरेंस के जरिए तेज अनुमति प्रक्रिया, आकर्षक सब्सिडी और वित्तीय सहायता, प्रशासनिक सहयोग और आसान औपचारिकताएं जैसे बड़े कारण हैं। साथ ही राज्य के विविध और अनोखे प्राकृतिक व शहरी लोकेशन फिल्मकारों को लुभा रहे हैं। स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को मिल रहे अवसर तथा OTT और डिजिटल कंटेंट के लिए अनुकूल नीति ने भी उत्तराखंड को तेजी से उभरते फिल्म हब के रूप में स्थापित किया है। देहरादून बना फिल्म शूटिंग का सबसे बड़ा केंद्र राजधानी देहरादून फिल्ममेकर्स की पहली पसंद बन गई है। यहां शहरी लोकेशन, जंगल, पहाड़ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनूठा संगम मिलता है। इसके अलावा नैनीताल, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी और उत्तरकाशी में भी शूटिंग गतिविधियां तेज हुई हैं। वर्ष 2025 में कई बड़ी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स की शूटिंग उत्तराखंड में हुई। इनमें सनी देओल की ‘बार्डर-2’, इम्तियाज अली की ‘ओ साथी रे’, जिमी शेरगिल की ‘सस्पेक्ट’ और ‘मैं और तुम’, राजपाल यादव की ‘आओगे जब तुम’ समेत कई फिल्में शामिल हैं। उत्तराखंड में शूट हुई 2025 की प्रमुख हिंदी फिल्में सब्सिडी से लोकल फिल्मकारों को भी बड़ा फायदा राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12 फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को सब्सिडी देकर फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। इनमें एक हिंदी फीचर फिल्म को ₹1.95 करोड़, एक वेब सीरीज को ₹94.76 लाख और गढ़वाली-कुमाऊंनी फिल्मों को ₹9 लाख से ₹26 लाख तक की आर्थिक सहायता दी गई। नई फिल्म नीति 2024 के तहत क्षेत्रीय फिल्मों को निर्माण लागत का 50% या अधिकतम ₹2 करोड़, हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों को 30% या अधिकतम ₹3 करोड़ और विदेशी फिल्मों को भी ₹3 करोड़ तक सब्सिडी का प्रावधान है। OTT, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री के लिए अलग से प्रोत्साहन रखा गया है, जबकि स्थानीय कलाकारों को मौका देने पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इस नीति से क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री को भी मजबूती मिली है। उत्तराखंड बन रहा फुल-स्केल फिल्म इकोसिस्टम रिकॉर्ड शूटिंग परमिशन, हाई-वैल्यू सब्सिडी और नई फिल्म नीति के प्रभावी क्रियान्वयन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई है। अब राज्य सिर्फ एक खूबसूरत बैकड्रॉप नहीं, बल्कि एक पूर्ण फिल्म निर्माण इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है। फास्ट-ट्रैक परमिशन, निवेश-अनुकूल माहौल और लोकल टैलेंट को मिल रहे अवसरों से आने वाले समय में उत्तराखंड के देश का प्रमुख फिल्म हब बनने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। ----------------- ये खबर भी पढ़ें : ₹20 करोड़ में बन रही मोनालिसा की डेब्यू फिल्म: देहरादून के जंगलों में चल रही शूटिंग, बोली- ये सब एक सपने जैसा प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर छा जाने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा आज अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सपने को जी रही हैं। कभी मेले में माला बेचने वाली मोनालिसा अब बॉलीवुड की दुनिया में कदम रख चुकी हैं और इन दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपनी डेब्यू फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' की शूटिंग में व्यस्त हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
    Click here to Read More
    Previous Article
    Indo-US Defence Ties Continues To Grow Stronger: US Ambassador Sergio Gor
    Next Article
    गर्लफ्रेंड की हत्या, फिर आत्मा से माफी के लिए काला जादू... इंदौर MBA छात्रा हत्याकांड का खौफनाक सच

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment