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    भारत दुनिया का 6वां सबसे ज्यादा प्रदूषित देश:टॉप 10 प्रदूषित शहरों में भारत के 5 शहर, यूपी का लोनी पहले, दिल्ली चौथे नंबर पर

    4 days ago

    पृथ्वी का ऊर्जा असंतुलन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक जलवायु आपातकाल की स्थिति बनी हुई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन की स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2025 और आईक्यूएयर की वर्ल्ड एयर क्वालिटी की रिपोर्ट में चिंताजनक हालात सामने आए हैं। इस असंतुलन का सीधा असर भारत के मौसम चक्र पर दिख रहा है। भारत में मानसून की शुरुआत अब अधिक अनिश्चित और तेज हो गई है। ऊर्जा असंतुलन के कारण वायुमंडल अधिक नमी सोख रहा है, जिससे तेज बारिश के मामले बढ़ रहे है। इन्हीं वजहों से साल 2025 का मानसून 2009 के बाद सबसे जल्दी आने वाला मानसून रहा। साथ ही, हिंद महासागर का तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर भी भारत और उसके पड़ोसी देशों के मौसम पर पड़ रहा है। इन वजहों से अचानक बहुत तेज बारिश होना और बिन मौसम के बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। साथ ही जंगल की आग और धूल भरी आंधियां भी बढ़ती जा रही हैं। इससे भारत में अप्रैल में प्रदूषण तेजी से बढ़ेगा। इन दोनों रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से डेंगू, अस्थमा, कैंसर, हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे और टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। आश्चर्य: दूसरे देशों की तुलना में भारत में तापमान कम रहा विश्व मौसम विज्ञान संगठन की रिपोर्ट में निम्नलिखित चिंताजनक बिंदुओं का उल्लेख किया गया है… जंगल की आग बड़ा खतरा दोनों ही रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि ऊर्जा असंतुलन के कारण बढ़ती गर्मी व सूखा जंगलों को ‘ईंधन’ की तरह सुखा रहे हैं, जिससे आग लगने की घटनाएं अधिक बार, अधिक समय तक और अधिक तीव्र हो रही हैं। इससे प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।
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