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    बांग्लादेश में हिंदू नेता को मंत्री बना सकते हैं रहमान:30 साल पहले भी मिनिस्टर रहे थे गोयेश्वर, बांग्लादेश में 2 हिन्दुओं ने जीता चुनाव

    10 hours ago

    चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) नई सरकार बनाने की तैयारी में है। सरकार ने निर्वाचित सांसदों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है। पार्टी से 2 हिंदू सांसद भी चुने गए हैं। इनमें से ढाका-3 सीट से जीत दर्ज करने वाले गोयेश्वर चंद्र रॉय को नई कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। रॉय BNP के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वह खालिदा जिया की BNP सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) राज्य मंत्री थे। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, तारीक रहमान प्रधानमंत्री पद समेत रक्षा मंत्रालय और दूसरे पांच मंत्रालय अपने पास रख सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 148 के मुताबिक, आधिकारिक नतीजे आने के तीन दिन के भीतर निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ लेनी होती है। 13वें संसदीय चुनाव के निर्वाचित सदस्य मंगलवार को शपथ लेंगे, जबकि कैबिनेट भी उसी दिन बाद में शपथ लेगी। यह जानकारी चुनाव आयोग के सचिव अख्तर अहमद ने शनिवार को प्रेस ब्रीफिंग में दी। जिया परिवार के करीबी माने जाते हैं गोयेश्वर चंद्र रॉय गोयेश्वर चंद्र रॉय बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। उनका जन्म 1 नवंबर 1951 को ढाका जिले के केरानीगंज में एक बंगाली हिंदू परिवार में हुआ था, जहां उनके पिता गणेंद्र चंद्र रॉय और माता सुमोती रॉय थे। वे 1978 से ही BNP से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य हैं, जो BNP का सर्वोच्च नीति-निर्माण निकाय है। 1990 के दशक में खालिदा जिया की सरकार में उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां वे पर्यावरण, वन, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालयों के प्रभार में रहे। हाल ही में 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने ढाका-3 निर्वाचन क्षेत्र से BNP के टिकट पर भारी बहुमत से जीत हासिल की, जहां उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मोहम्मद शाहिनुर इस्लाम को लगभग 17,000 वोटों से हराया। वे खुद को धरती का बेटा बताते हैं और जोर देते हैं कि बांग्लादेश में हिंदू या अन्य अल्पसंख्यक अलग नहीं हैं, बल्कि सभी नागरिक समान अधिकारों वाले हैं। जिया परिवार से उनके गहरे संबंध हैं और नई सरकार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की संभावना है। बांग्लादेश में 4 अल्पसंख्यक सांसद चुने गए, इनमें 2 हिंदू बांग्लादेश के आम चुनाव में 4 अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवार सांसद चुने गए हैं। इनमें दो हिंदू, जबकि दो अन्य बौद्ध समुदाय से हैं। हिंदू नेता में गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी निताई रॉय चौधरी BNP की टिकट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। निताई रॉय चौधरी BNP के प्रमुख उपाध्यक्षों में शामिल हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। दोनों ने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशियों को हराया। तीसरे अल्पसंख्यक सांसद साचिंग प्रू हैं, जो बंदरबन के पहाड़ी जिले से चुने गए। वे मरमा जातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और BNP के वरिष्ठ नेता हैं। चौथे विजेता दिपेन दीवान रंगामाटी सीट से जीते। वे चकमा समुदाय से आते हैं, जो बौद्ध बहुल जनजातीय समूह है। 30 से 40 सदस्यों की कैबिनेट बनाने की तैयारी में BNP BNP के कई नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया है कि कैबिनेट बहुत बड़ा नहीं होगा। इसमें 30 से 40 सदस्य शामिल हो सकते हैं। इसमें 2001 की BNP सरकार के पूर्व मंत्री, स्टैंडिंग कमेटी सदस्य और नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। तारिक रहमान ने कैबिनेट गठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से परामर्श शुरू कर दिया है। हालांकि, किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह शपथ ग्रहण के बाद ही साफ होगा। BNP की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि देश को कैबिनेट का अंतिम स्वरूप देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। पार्टी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया में समय लग सकता है। तब तक उनके किसी अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने की संभावना जताई जा रही है। किन नामों पर चल रही चर्चा विदेश मंत्री पद के लिए BNP के संयुक्त महासचिव हुमायूं कबीर का नाम चर्चा में है। पार्टी के अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। डॉ. रेजा किब्रिया को वित्त मंत्री पद के लिए विचार किया जा रहा है। वे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में वरिष्ठ अर्थशास्त्री रह चुके हैं। आमिर खुसरो महमूद चौधरी को वाणिज्य मंत्रालय दिया जा सकता है। वे पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का नाम स्थानीय सरकार मंत्रालय के लिए सामने आया है। वे पहले कृषि राज्य मंत्री और बाद में नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन राज्य मंत्री रह चुके हैं। पूर्व अटॉर्नी जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील मोहम्मद असदुज्जमान का नाम कानून मंत्रालय के लिए चर्चा में है। सलाहुद्दीन अहमद का नाम गृह मंत्रालय के लिए और मिर्जा अब्बास का नाम सड़क परिवहन एवं पुल मंत्रालय के लिए लिया जा रहा है। डॉ. एजेडएम जाहिद हुसैन स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल सकते हैं, जबकि रुहुल कबीर रिजवी को सूचना मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा नज्रुल इस्लाम खान, डॉ. अब्दुल मोयीन खान, गायेश्वर चंद्र रॉय, हाफिज उद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद टुकू, सेलीमा रहमान, अंदलीव रहमान पार्थो, मिजानुर रहमान मिनू और शमा ओबैद सहित कई अन्य नामों पर भी चर्चा चल रही है। मंत्रियों के चयन का प्रोसेस जानिए पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की अंतिम संरचना का फैसला BNP की स्थायी समिति और अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में वे अंतिम सूची में कभी भी बदलाव कर सकते हैं। मंगलवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे। दोपहर में राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन कैबिनेट सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। सांसदों के शपथ लेने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष अलग-अलग बैठक कर अपने संसदीय नेता का चुनाव करेंगे। बहुमत दल का नेता इसके बाद बंगभवन जाकर राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से मुलाकात करेगा। राष्ट्रपति औपचारिक रूप से उसे सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उपमंत्रियों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेंगे। राष्ट्रपति सूची कैबिनेट डिवीजन को भेजेंगे, जो शपथ समारोह की तैयारी पूरी करेगा। कैबिनेट सचिव नामित मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देंगे और उनके घरों पर आधिकारिक वाहन भेजे जाएंगे। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश-यूनुस के खिलाफ जांच आयोग बैठा सकती है रहमान सरकार:18 मंत्रियों की संपत्ति में इजाफा; यूनुस की प्रॉपर्टी ₹12 करोड़ हुई, पेरिस जाने की तैयारी में बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद गठित मोहम्मद यूनुस सरकार के मंत्रियों की संपत्ति में उछाल आया है। सरकार के मुखिया यूनुस की संपत्ति में एक साल में लगभग 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
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