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    असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा:बेटे को पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है; टिकट ना मिलने पर TMC कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

    8 hours ago

    असम के कांग्रेस से लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा राज्य में विधानसभा चुनावों से ठीक 20 दिन पहले आया है। राज्य मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदाब्रत बोरा ने PTI को बताया कि बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है। राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और नगांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद रहे बोरदोलोई के बेटे, 9 अप्रैल को होने वाले राज्य चुनावों के लिए मार्घेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। सांसद ने खड़गे को भेजे पत्र में कहा, आज अत्यंत दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं। उधर, पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में मौजूदा विधायक शौकत मोल्ला को कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र से टिकट न दिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। TMC कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाए और नारेबाजी की। असम CM बोले- अभी बोरदोलोई के संपर्क में नहीं, आगे हो सकता है असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि वह कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हैं। बोरदोलोई ने मंगलवार को नगांव से मौजूदा सांसद के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। CM ने आगे कहा कि भविष्य में उनसे संपर्क होने की संभावना है। TMC कार्यतकर्ताओं ने टायर जलाए, नारेबाजी की… ममता ने 74 विधायकों के टिकट काटे तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की कुल 294 सीटों में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। बाकी 3 सीटें सहयोगी बीजीपीएम को दी हैं। ममता ने 74 विधायकों (करीब एक तिहाई) के टिकट काट दिए हैं। 15 विधायकों की सीटें बदली गई हैं। TMC ने सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी बनाई, 52 महिलाएं उम्मीदवार ममता ने सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी बनाई। जमीनी नेता और कार्यकर्ताओं पर ज्यादा भरोसा जताया। 2021 में 15 सेलिब्रिटी को टिकट दिया था। इस बार 2 सेलिब्रिटीज को टिकट मिला है। लिस्ट में 52 महिलाएं हैं। 47 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। 40 साल से कम उम्र के 42 उम्मीदवारों को टिकट मिला। लिस्ट में 95 कैंडिटेट्स SC/ST कैंडिडेंट्स हैं। खाड़ी की जंग पर केरल-तमिलनाडु में दंगल शुरू, प्रवासी नए ‘वोट फैक्टर’ खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय हैं। इनमें से 35 लाख से ज्यादा केवल केरल और तमिलनाडु से हैं। युद्ध क्षेत्र में उनकी सुरक्षा और रोजगार जाने का खतरा इन राज्यों के लाखों परिवारों को सीधे प्रभावित कर रहा है। इसे देखते हुए सभी पार्टियां अपनी रणनीति बदल रही हैं। एक ओर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने तमाम अमले को सक्रिय कर दिया है। दूसरी ओर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और केरल में वामपंथी दलों की सरकारों ने भी केंद्र पर हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और आर्थिक संकट को बड़ा मुद्दा बना रही है। इस सबके बीच, भाजपा दक्षिण के दुर्ग में सेंध लगाने के लिए विकास और नए नारों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश में है। केरल में 40 तो तमिलनाडु में 50 सीट पर निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते बुधवार को केरल और तमिलनाडु में 16 हजार करोड़ की रेलवे सहित अनेक विकास योजनाओं का उदघाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से केरल में 35-40 तो तमिलनाडु में 45-50 विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। भाजपा ने ईसाई बहुल सीटों पर पिता-पुत्र की जोड़ी उतारी केरल में भाजपा ने कोट्टायम जिले की दो महत्वपूर्ण ईसाई बहुल सीटों पर पिता-पुत्र की जोड़ी को मैदान में उतारा है। अनुभवी नेता पीसी जॉर्ज अपनी पारंपरिक सीट पूंजार से चुनाव लड़ेंगे, जबकि उनके बेटे शोन जॉर्ज को पास की पाला सीट से टिकट दिया गया है। पीसी सात बार विधायक रह चुके हैं। तमिलनाडु में पहले दो दिन में ही 23 करोड़ रुपए जब्त तमिलनाडु में 15 मार्च से आचार संहिता लागू हो गई है। यहां दो दिनों में ही 23.28 करोड़ की नकदी और सामान जब्त किया गया है। 2021 में पिछले विधानसभा चुनाव में 428 करोड़ रुपए की जब्ती की गई थी। 4 मई को आएंगे 5 राज्यों को चुनाव के नतीजे चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। गुजरात-महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों की 8 सीटों पर उपचुनाव
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