Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    असम के छात्र के चेहरे पर मारे लात-घूंसे:आदिवासी यूनिवर्सिटी का छात्र बोला- मुझे हत्या का डर, एग्जाम भी नहीं दे सकेगा; 5 स्टूडेंट निष्कासित

    17 hours ago

    अनूपपुर के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय (IGNTU) के हॉस्टल में घुसकर कुछ लोगों ने असम के छात्र के साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसके चेहरे पर घूंसे और लात मारी। छात्र को डर है कि कहीं उसकी हत्या ना हो जाए। छात्र के आंख, कान और नाक में चोट आई है। छात्र अभी हॉस्टल में ही है। घटना 13 जनवरी की है। मामला सामने आने के बाद दूसरे दिन छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव भी किया था। इसके बाद बुधवार देर रात प्रबंधन ने पांच छात्रों को निष्कासित कर दिया। गुरुवार को पांचों छात्रों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। गुरुवार को एबीवीपी ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा है। इकोनॉमिक्स विभाग की डीन नीति जैन का कहना है कि छात्र के नाक की हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उसकी आंख भी चोटिल है। वह मानसिक रूप से भी घबराया हुआ महसूस कर रहा है। 16 जनवरी को होने वाली एग्जाम में वह शामिल होने की कंडीशन में नहीं है, इसलिए वह परीक्षा नहीं देगा। इसके लिए डिसिप्लिन कमेटी को पत्राचार कर विशेष तिथि में परीक्षा लेने की अपील की गई है। कमेटी ने इसके लिए हामी भी भर दी है। छात्र बोला-मुझे अकेला समझकर पीटा पीड़ित छात्र ने बताया कि ‘मेरा नाम हीरोस ज्योतिदास है। IGNTU में इकनॉमिक्स में मास्टर्स कर रहा हूं। यहां जीजीबीएच हॉस्टल में रहता हूं। 13 जनवरी की अलसुबह करीब 4 बजे पांच से छह लड़के रूम में आ गए। मैं उन्हें नहीं जानता। उन्होंने मेरा नाम पूछा। मैंने नाम बताया। फिर पूछा कि कहां से हो। मैंने असम का बताया। पढ़ाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि यहीं आए हो, यहीं मर जाओगे। मैंने कहा कि मैं यहां तो नहीं मरूंगा। इसके बाद दो लड़कों ने मेरे हाथ पकड़े। बाकी दो लोग मेरे चेहरे पर घूंसे मारने लगे। लात-थप्पड़ भी मारे। 16 जनवरी से एग्जाम भी हैं। उन्होंने मुझे अकेला समझकर पीटा। मैं अभी डरा हुआ हूं। मुझे कौन यहां प्रोटेक्ट करेगा। अगर वे लोग मुझे वापस आकर पीटें, फिर मेरी हत्या कर दें। मैं घर का इकलौता हूं। मुझे डर है कि जैसे, त्रिपुरा के लड़के की हत्या कर दी गई, उसी तरह मेरी हत्या कर दी जाएगी। मैं अनुरोध करता हूं कि मेरी सुरक्षा इन्श्योर की जाए, जिससे मैं अच्छे से पढ़ सकूं।’ सीसीटीवी जांच में पांच छात्र दोषी पाए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मुख्य हॉस्टल अधीक्षक की अनुशंसा के आधार पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसमें आरोपी छात्रों की पहचान अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश तिवारी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह के रूप में हुई। इन पांचों छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। मामले की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण अनुशासन समिति को भी सौंपा गया है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी रजनीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। निष्कासित छात्रों को परिसर से बाहर कर दिया गया है। CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं करा सकते। एडिशनल एसपी जगन्नाथ मरकाम ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन से मामले में बातचीत की जाएगी। थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सांसद, विधायक ने घटना को बताया निंदनीय सांसद हिमाद्री सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और फेसबुक पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि "यह घटना न केवल छात्र सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विश्वविद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण को भी नुकसान पहुंचाती है। दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।" सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मानवर विधायक हीरालाल अलावा ने भी x पर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवालिया निशान लगा दिया है।
    Click here to Read More
    Previous Article
    What house sparrows can teach us about evolution, survival, and a changing planet
    Next Article
    गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट देंगी:नए व्हीकल में 2026 के अंत तक V2V चिप जरूरी, 5-7 हजार तक कीमत बढ़ेगी

    Related भारत Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment