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    2022 के बाद कैसे बदली टीम इंडिया की अप्रोच:लगातार चौथे ICC फाइनल में एंट्री, 2 टाइटल जीते; टी-20 टीमों में सबसे सफल

    12 hours ago

    10 नवंबर 2022, टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को इंग्लैंड ने हरा दिया। हार भी मामूली नहीं, 169 रन का टारगेट 16 ओवर में बगैर विकेट गंवाए ही हासिल कर लिया। मैच के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विकेटकीपर दिनेश कार्तिक से कहा, "हमें बदलना होगा।" आज 8 मार्च 2026 है। साढ़े 3 साल में ICC ने व्हाइट बॉल क्रिकेट के 4 टूर्नामेंट कराए, सभी में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची। एक में रनर-अप जरूर रही, लेकिन 2 में ट्रॉफी जीत ली। आज न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम लगातार तीसरा खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। 2022 के बाद आखिर इंडियन क्रिकेट में ऐसा क्या बदल गया कि टीम लगातार चौथे ICC फाइनल में पहुंच गई? स्टोरी में जानते हैं... धीमी बैटिंग ने वर्ल्डकप सेमीफाइनल हराया 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी उसका रन रेट और बैटर्स का स्ट्राइक रेट था। शुरुआती 6 ओवर में विकेट बचाने की होड़ में भारतीय बल्लेबाज रन बनाना भूल जाते थे। एडिलेड में भी यही हुआ। 6 ओवर में टीम 38 रन ही बना सकी, 13 ओवर में स्कोर 80 रन रहा। विराट कोहली ने फिर हार्दिक पंड्या के साथ स्कोर 168 तक पहुंचाया। हार्दिक ने 33 गेंद पर 63 और कोहली ने 40 गेंद पर 50 रन बनाए। 169 का टारगेट इंग्लिश ओपनर्स जोस बटलर और एलेक्स हैल्स ने छोटा साबित कर दिया। दोनों ने पावरप्ले में 63 रन बनाए और 16 ओवर में टारगेट ही हासिल कर लिया। कप्तान रोहित ने अप्रोच बदला, अटैकिंग शुरुआत दिलाई 2022 सेमीफाइनल के बाद कप्तान रोहित ड्रेसिंग रूम में मायूस बैठे थे। कार्तिक उनके पास पहुंचे और पूछा क्या हुआ? तब रोहित बोले, "हमें बदलना होगा, इस अप्रोच के साथ हम वर्ल्ड कप नहीं जीत पाएंगे। हमें तेज खेलना होगा।" टूर्नामेंट के बाद रोहित ने लंबी पारी खेलने के बजाय टीम को तेज शुरुआत दिलाने पर ध्यान दिया। एक खराब मैच ने वर्ल्ड कप रनर-अप बनाया टी-20 वर्ल्ड कप खत्म हुआ, अगला टारगेट वनडे वर्ल्ड कप था। रोहित ने इस फॉर्मेट में भी अटैकिंग अप्रोच अपनाया। शुभमन गिल के साथ ओपनिंग उतरे, लेकिन एक एंड से लगातार तेज रन बनाए। ताकि मिडिल ओवर्स में प्लेयर्स को संभलने का ज्यादा टाइम मिले। भारत ने तीनों डिपार्टमेंट में अपना बेस्ट दिया और वर्ल्ड कप से पहले वनडे एशिया कप जीत लिया। भारत ने फिर लगातार 10 मैच जीतकर होम वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली। 19 नवंबर 2023, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताबी मुकाबला हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुन ली। मुश्किल पिच पर भारत 240 रन ही बना सका। दूसरी पारी में ओस के कारण बैटिंग आसान और बॉलिंग मुश्किल हो गई। कंगारू टीम ने 47 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन ट्रैविस हेड ने शतक लगाकर टीम को जीत दिला दी। कोहली के साथ ओपनिंग, 64% टी-20 जीते वनडे में हार्टब्रेक के 7 महीने बाद ही टी-20 वर्ल्ड कप होना था। कोच राहुल द्रविड़ ने कप्तान के साथ स्ट्रैटजी बनाई और कोहली को टी-20 में नया ओपनर बना दिया। विस्फोटक बैटर्स के साथ ऑलराउंडर्स पर ज्यादा फोकस किया। टीम ने इस दौरान 64% टी-20 भी जीते। अमेरिका और वेस्टइंडीज में वर्ल्ड कप के लिए शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर्स को शामिल किया। चारों को ज्यादातर मुकाबलों की प्लेइंग-11 में शामिल भी किया गया, ताकी सभी प्लेयर्स बड़े स्टेज के लिए तैयार रहे। 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बना भारत अमेरिका में भारत ने अपने ग्रुप स्टेज मैच खेले। अमेरिका, आयरलैंड और पाकिस्तान को हराकर सुपर-8 में एंट्री कर ली। सेकेंड राउंड में भारत ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। ग्रुप में आखिरी मैच ऑस्ट्रेलिया से हुआ, टीम ने कंगारू टीम को हराकर वनडे फाइनल का हिसाब बराबर किया और उन्हें नॉकआउट राउंड में पहुंचने ही नहीं दिया। सेमीफाइनल इंग्लैंड के खिलाफ हुआ। भारत ने पहले बैटिंग की, कप्तान रोहित ने सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर टीम को मुश्किल पिच पर 171 रन तक पहुंचा दिया। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने बॉलिंग से मैच पलटा और इंग्लैंड को 103 रन पर ही समेट दिया। फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन के करीबी अंतर से हराया और 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप जीत लिया। यह 11 साल में भारत की पहली ICC ट्रॉफी थी, इससे पहले 2013 में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित, कोहली और जडेजा ने सबसे छोटे फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। अगला टारगेट चैंपियंस ट्रॉफी थी। फरवरी में शुरू हुए टूर्नामेंट में भारत ने अपने सभी मैच UAE के दुबई शहर में खेले। यहां की पिचें धीमी थीं, लेकिन रोहित ने अपना अटैकिंग अप्रोच नहीं बदला। उन्होंने ओपनिंग करते हुए टीम को हर बार तेज शुरुआत दिलाई। भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री की। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 265 का मुश्किल टारगेट दिया। पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाने वाले विराट कोहली ने 84 रन बनाए और टीम को 4 विकेट से जीत दिला दी। फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को ही 4 विकेट से हराया और लगातार दूसरा ICC टूर्नामेंट जीत लिया। ऑलराउंडर्स की स्ट्रैटजी ने 84% टी-20 जिताए टी-20 वर्ल्ड कप के बाद गौतम गंभीर भारत के कोच बने, रोहित के बाद सूर्यकुमार यादव को इस फॉर्मेट में कमान मिली। दोनों ने मिलकर रोहित के ऑलराउंडर्स वाली स्ट्रैटजी को एडवांस लेवल पर पहुंचा दिया। हार्दिक, दुबे और अक्षर के साथ हर्षित राणा, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा को भी शामिल कर लिया। तीनों बैटिंग और बॉलिंग दोनों में कारगर हैं। 2024 वर्ल्ड कप से इस वर्ल्ड कप के पहले तक टीम इंडिया ने 41 टी-20 खेले। 33 जीते और महज 6 गंवाए। यानी 84% मुकाबलों में सफलता। इस दौरान 2 मुकाबले बेनतीजा भी रहे, 2 जीत सुपर ओवर में आई थी। भारत ने पहली से आखिरी गेंद पर अटैक करने की स्ट्रैटजी अपनाई और 13 बार 200 से ज्यादा के स्कोर बना दिए। टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 283 और बांग्लादेश के खिलाफ 297 रन भी बनाए। 2 बैटर्स ने 1000 प्लस रन बनाए वर्ल्ड कप 2024 के बाद टीम इंडिया ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग पोजिशन के लिए तैयार किया। वहीं तिलक वर्मा ने नंबर-3 पर अपनी जगह स्थापित कर ली। अभिषेक और तिलक ने 1000 से ज्यादा रन बना दिए, दोनों टी-20 बैटर्स रैंकिंग में टॉप-2 पोजिशन पर भी पहुंच गए। वहीं सैमसन ने 3 सेंचुरी लगा दीं। इनका साथ देने के लिए सूर्या, हार्दिक, दुबे, अक्षर और रिंकू मौजूद रहे। स्पिन, पेस का बेहतरीन कॉम्बिनेशन कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल लगातार अच्छी बॉलिंग कर रहे थे। उनका साथ देने के लिए टीम में वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा भी आ गए। वरुण ने इस दौरान 70 विकेट झटके और टी-20 बॉलर्स रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंच गए। हर्षित जरूर इंजरी के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो गए, लेकिन अर्शदीप ने उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के बेहतरीन कॉम्बिनेशन के दम पर टीम इंडिया ने टी-20 एशिया कप भी जीत लिया। भारत ने ग्रुप स्टेज, सुपर-4 और फाइनल में पाकिस्तान को तीनों मैच हराए। टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी। बेस्ट टीम बनकर वर्ल्ड कप में उतरे पिछले वर्ल्ड कप के बाद से टीम इंडिया का विनिंग रेट दुनियाभर में बेस्ट रहा। वर्ल्ड कप का हिस्सा 20 टीमों में भारत के बाद नेपाल ने सबसे ज्यादा 76% मैच जीते। ऑस्ट्रेलिया, UAE और पाकिस्तान तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर रहे। हालांकि, भारत को छोड़कर कोई भी टीम मौजूदा टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में एंट्री नहीं कर सकी। पाकिस्तान को छोड़कर बाकी 3 टीमें तो सुपर-8 से पहले ही बाहर भी हो गईं। यानी भारत ने अपना द्विपक्षीय सीरीज वाला फॉर्म वर्ल्ड कप में भी कायम रखा। होम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गए बाइलेटरल सीरीज और एशिया कप के बाद वर्ल्ड कप का नंबर आया। शुरुआती मुकाबलों में भारत को अमेरिका और नीदरलैंड के खिलाफ थोड़ी प्रॉब्लम जरूर आई, लेकिन टीम ने नामीबिया और पाकिस्तान को बड़े अंतर से हराकर सुपर-8 में एंट्री कर ली। सेकेंड राउंड में भारत को पहले ही मैच में साउथ अफ्रीका ने हरा दिया। अभिषेक आउट ऑफ फॉर्म हो गए, वहीं सैमसन प्लेइंग-11 में जगह भी नहीं बना पाए। जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू ने वापसी की और टीम ने 256 रन बना दिए। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में सैमसन ने 97 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। संजू ने फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन बनाए और लगातार दूसरा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। न्यूजीलैंड को आज तक नहीं हरा सके वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया का सामना न्यूजीलैंड से होगा। भारत चौथी बार टी-20 वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में है, टीम इससे पहले पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका को हरा चुकी है। वहीं श्रीलंका के खिलाफ हार भी मिली है, लेकिन कीवी टीम से पहली ही भिड़ंत होगी। वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारत ने न्यूजीलैंड को अपने ही घर में 4-1 से टी-20 सीरीज हराई थी, लेकिन वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड और इतिहास पूरी तरह से कीवी टीम के पक्ष में है। दोनों के बीच अब तक 3 मैच खेले गए। हर बार न्यूजीलैंड ने बाजी मारी। 2007 में 10 रन, 2016 में 47 और 2021 में 8 विकेट से भारत को हार मिली। टी-20 वर्ल्ड कप में कोई भी टीम 3 खिताब नहीं जीत सकी, न ही किसी टीम ने अपने होम ग्राउंड पर टाइटल जीता है। 2012 में श्रीलंका के बाद भारत ही ऐसी टीम है, जिसने अपने होम ग्राउंड के फाइनल में जगह बनाई। तब श्रीलंका रनर-अप था। इतना ही नहीं, कोई भी टीम लगातार 2 टाइटल भी नहीं जीत सकी। यानी भारत के सामने 4 बड़े रिकॉर्ड्स को तोड़ने की चुनौती है।
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